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MEA: जयशंकर ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामाफोसा से मुलाकात की; लीबिया ने नौ भारतीय नाविकों को रिहा किया

Sat, 03 Jun 2023 11:01 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, केपटाउन/नई दिल्ली

सार

जयशंकर ने ट्वीट किया कि दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति के अलावा ब्रिक्स के अन्य मंत्रियों के साथ मुलाकात करके खुशी हुई। प्रधानमंत्री मोदी की ओर से शुभकामनाएं व्यक्त कीं। ब्रिक्स को आगे ले जाने पर उनका मार्गदर्शन और विचार महत्वपूर्ण है।
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एस जयशंकर, सिरिल रामाफोसा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा से मुलाकात की। इसके अलावा विदेश मंत्री ब्रिक्स समूह के अन्य मंत्रियों से मिले। उन्होंने सभी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। ब्रिक्स पांच सबसे बड़े विकासशील देशों का समूह है। इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। जयशंकर केपटाउन में ब्रिक्स के एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं।
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जयशंकर ने ट्वीट किया कि दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति के अलावा ब्रिक्स के अन्य मंत्रियों के साथ मुलाकात करके खुशी हुई। प्रधानमंत्री मोदी की ओर से शुभकामनाएं व्यक्त कीं। ब्रिक्स को आगे ले जाने पर उनका मार्गदर्शन और विचार महत्वपूर्ण है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका से जयशंकर नामीबिया की यात्रा पर जाएंगे। यहां वे चार से छह जून तक रहेंगे। ब्रिक्स वैश्विक आबादी के 41 प्रतिशत, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 24 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के 16 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है।

इस बीच लीबिया से एक अच्छी खबर आई। यहां एक स्थानीय मिलिशिया ने कई महीनों से एक व्यापारी जहाज को बंधक बनाकर रखा था। आखिरकार जहाज के नौ भारतीय नाविकों को रिहा कर दिया गया है। बुधवार को उनकी रिहाई के बाद भारतीय नागरिक लीबिया की राजधानी त्रिपोली पहुंचे, जहां ट्यूनीशिया में भारतीय राजदूत ने उनका स्वागत किया। मामले से जुड़े लोगों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
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जानकारी के मुताबिक, लोगों ने 15 फरवरी को ट्यूनीशिया में भारतीय दूतावास से संपर्क किया था। उन्होंने बताया कि वे मर्चेंट वेसल एमटी माया-1 में काम कर रहे थे। वह लीबिया के तट के पास टूट गया और उन्हें एक स्थानीय मिलिशिया ने बंदी बना लिया। मिशन ने तुरंत इस मामले को लीबिया के अधिकारियों के साथ उठाया और जल्द से जल्द भारत में समूह की सुरक्षा और प्रत्यावर्तन सुनिश्चित करने के लिए कांसुलर एक्सेस की मांग की। 

कांसुलर एक्सेस और आधिकारिक स्तर पर हुई बातचीत और कानूनी प्रक्रियाओं के बाद सभी को रिहा कर दिया गया। जहाज का मालिकाना हक एक ग्रीक कंपनी के पास है। इसमें कैमरून का झंडा है। यह पेट्रोलियम उत्पादों को लेकर माल्टा से त्रिपोली जा रहा था। नौ भारतीय चालक दल में से पांच उत्तर प्रदेश से और एक राजस्थान, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से हैं।
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