भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को गुयाना की राजधानी में जमैका के विदेश मंत्री कामिनाज स्मिथ के साथ चौथी भारत-कैरिकॉम मंत्रिस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद से निपटने सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
वहीं इससे पहसे एस जयशंकर ने शुक्रवार को सूरीनाम के अपने समकक्ष अल्बर्ट रामदीन से मुलाकात कर गुयाना, पनामा, कोलंबिया और डोमिनिकन गणराज्य की अपनी नौ दिवसीय यात्रा शुरू की। उन्होंने ट्वीट किया कि जमैका के एफएम कामिनाज स्मिथ के साथ कैरिकॉम मुख्यालय में चौथी भारत-कैरिकॉम मंत्रिस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता की। हम सभी को आमंत्रित करने के लिए एफएम गुयाना ह्यूग टॉड को धन्यवाद।
कृषि और खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और फार्मा, ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुई चर्चा
उन्होंने सूरीनाम, सेंट किट्स एंड नेविस, सेंट लूसिया, सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस, बारबाडोस, त्रिनिदाद और टोबैगो, डोमिनिका, ग्रेनाडा के कैरिबियाई देशों के अपने समकक्षों और बेलीज और बहामास के प्रतिनिधियों के दृष्टिकोण की सराहना की। जयशंकर ने ट्वीट कर बताया कि हमने व्यापार और अर्थव्यवस्था सहित हमारे व्यापक क्षेत्रीय सहयोग पर चर्चा की साथ ही कृषि और खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और फार्मा, ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, आईसीटी और ई-गवर्नें, विकास साझेदारी और क्षमता निर्माण, उच्च शिक्षा, संस्कृति पर भी चर्चा हुई।
जयशंकर ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और आपदा लचीलापन, आतंकवाद का मुकाबला, सुधारित बहुपक्षवाद और बहुपक्षीय मंचों पर निकट सहयोग के महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। इस साल संयुक्त आयोग की दूसरी बैठक आयोजित करने सहित अनुवर्ती कदमों पर सहमति बनी। इससे पहले शुक्रवार को जयशंकर ने कैरेबियाई समुदाय के महासचिव (कैरिकॉम) डॉ. कार्ला नताली बार्नेट से भी मुलाकात की और पारंपरिक के साथ-साथ सहयोग के नए क्षेत्रों में भारत-कैरिकॉम संबंधों को गहन करने पर चर्चा की।
कैरिकॉम (CARICOM) एक अंतर-सरकारी संगठन है जो पूरे अमेरिका और अटलांटिक महासागर में 15 सदस्य राज्यों (14 राष्ट्र-राज्य और एक निर्भरता) का एक राजनीतिक और आर्थिक संघ है।