यूक्रेन संकट की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्वर्ण की कीमतों में तेजी से उछाल आया है। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय अर्थ जगत में अनिश्चितता का माहौल बन गया है। जानकारों का कहना है कि इसे देखते हुए संस्थाएं और लोग सोने में पैसा लगाना ही सबसे सुरक्षित समझ रहे हैं।
बीते हफ्ते के अंत तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1,889 डॉलर प्रति औंस के भाव से बिक रहा था। इसके पहले जिस रोज रूस ने यूक्रेन पर हमला किया, यह 1,977 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था। लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका और यूरोपीय देशों ने रूस पर ठोस आर्थिक प्रतिबंध लगाने की शुरुआत शनिवार से की। खासकर अंतरराष्ट्रीय भुगतान के सिस्टम स्विफ्ट से रूस को निकालने के फैसले के बाद अर्थ जगत में नए सिरे से हलचल मची है।
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक शनिवार को भी सोने की कीमत जनवरी 2021 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर थीं। टोक्यो स्थित एजेंसी कॉमोडिटी इंटेलिजेंस के अध्यक्ष मसायो कोन्दो ने वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम से कहा- ‘भू-राजनीतिक स्थिति की अनिश्चितता की वजह से सोने की कीमत बढ़ रही है। ये अनुमान यथार्थ पर आधारित है कि यूक्रेन संकट के कारण ये भाव दो हजार डॉलर प्रति औंस के पार चला जाएगा।’
लेकिन यूबीएस बैंक में कीमती धातु संबंधी कारोबार के स्ट्रेटेजिस्ट जॉनी टेवेस का कहा है कि सोने के दाम में आया उछाल थोड़े समय तक के लिए ही है। उन्होंने टीवी चैनल सीएनबीसी को बताया कि अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों के बारे में अपना फैसला घोषित करने के बाद बाजारों के सामान्य स्तर पर लौट आने की उम्मीद है।
इन्वेस्टमेंट बैंक मॉर्गन स्टेनले को अनुमान है कि फेडरल रिजर्व इस साल छह बार ब्याज दरें बढ़ाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक सोने की कीमत सैद्धांतिक रूप से ब्याज दरों से जुड़ी रहती है। इसीलिए अब सबकी निगाहें फेडरल रिजर्व पर हैं, जो अगले दस दिन के अंदर ब्याज दरों के बारे में अपना पहला एलान करने वाला है।