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Myanmar: म्यांमार में बिगड़ते हालात से परेशान लोग थाईलैंड में खरीद रहे हैं जायदाद

Wed, 22 Feb 2023 06:14 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बैंकाक

सार

Myanmar: थाईलैंड के प्रॉपर्टी कानून के तहत विदेशियों के लिए जमीन या पूरा मकान खरीदने की तुलना में सह-आवास खरीदना आसान है। थाईलैंड में जो भी लोग वर्क परमिट के साथ वैध तरीके से आते हैं, वे यहां सह-आवास खरीद सकते हैं...
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Thailand - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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म्यांमार में बिगड़ते हालात के कारण बड़ी संख्या वहां के समृद्ध लोग देश से बाहर बसने की तैयारी कर चुके हैं। हाल में थाईलैंड में म्यांमार-वासियों के संपत्ति खरीदने की घटनाएं बढ़ गई हैं। थाईलैंड के म्यांमार से लगे इलाकों में ऐसे कई एजेंट सक्रिय हैं, जो म्यांमार के लोगों को वहां संपत्तियां दिलवाने का काम कर रहे हैं। खास कर सीमाई इलाकों में म्यांमार के शान प्रांत के लोगों ने संपत्ति खरीदी है। उनमें कुछ लोग ऐसे हैं, जो अभी भी म्यांमार में रहते हैं, लेकिन हालात बिगड़ने की आशंका के कारण उन्होंने थाईलैंड में रहने की अपनी वैकल्पिक व्यवस्था कर ली है।

संपत्ति दिलवाने के धंधे से जुड़े एजेंट सोमबून (असली नाम नहीं) के मुताबिक कि उसके कई ग्राहक ऐसे हैं, जो शान प्रांत से अब आए हैं, लेकिन उनके परिजन पहले से थाईलैंड में रह रहे थे। ऐसे लोग थाईलैंड के चियांग माई इलाके में जमीन-जायदाद लेने को प्राथमिकता दे रहे हैं। जबकि म्यांमार के कई नागरिकों ने म्यांमार की सीमा से दूर वाले थाईलैंड के इलाकों में भी जायदाद खरीदी है।

वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक 25 वर्षीय आंग खान थुन ने सैनिक तख्ता पलट होने के बाद यंगून में अपनी मेडिकल की पढ़ाई छोड़ दी। उन्होंने कई लोगों के साथ मिल कर बैंकाक में एक साझा आवास खरीद लिया। आंग खान थुन सुरक्षा कारणों से अपना असली नाम नहीं बताते हैं। अब डॉक्टर बनने का सपना छोड़ कर उन्होंने बैंकाक की रंगसित यूनिवर्सिटी में बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स में दाखिला ले लिया है। आंग ने कहा- ‘हिंसा, बढ़ती महंगाई और आर्थिक मुश्किलों के कारण मुझे भागकर थाइलैंड आना पड़ा। अब अपने देश लौटने का मेरा कोई इरादा नहीं है।’ आंग ने बताया कि उन्होंने थाईलैंड में रहना इसलिए चुना क्योंकि थाईलैंड और म्यांमार में सांस्कृतिक समानता है। दोनों देशों के बहुसंख्यक लोग बौद्ध धर्म को मानते हैं।

थाईलैंड के रियल एस्टेट इन्फॉर्मेशन सेंटर के मुताबिक थाईलैंड में सह-आवासों की म्यांमारवासियों को हुई बिक्री की संख्या में 2022 में छह गुना बढ़ोतरी हुई। नवंबर में यंगून स्थित एक रियल एस्टेट एजेंट ने एक वर्चुअल सेमीनार का आयोजन किया था। उसमें 50 लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें 12 म्यांमार के थे। उन सबने कहा कि वे थाईलैंड में सह-आवास खरीदना चाहते हैं।

थाईलैंड के प्रॉपर्टी कानून के तहत विदेशियों के लिए जमीन या पूरा मकान खरीदने की तुलना में सह-आवास खरीदना आसान है। थाईलैंड में जो भी लोग वर्क परमिट के साथ वैध तरीके से आते हैं, वे यहां सह-आवास खरीद सकते हैं। नियम यह है कि विदेशी नागरिक किसी मकान में 49 फीसदी से अधिक हिस्से को नहीं खरीद सकते। इसलिए कई विदेशी मिल कर एक मकान खरीदते हैं। जबकि पूरा मकान खरीदने के लिए जरूरी है कि विदेशी कम से कम चार करोड़ बाहत (12 लाख डॉलर) का निवेश थाईलैंड में करे।

थाईलैंड में काम करने वाले म्यांमार के प्रवासी मजदूरों की मदद करने वाले एक गैर-सरकारी संगठन के मुताबिक म्यांमार में सैनिक शासन जितना लंबा खिंचेगा, उतनी बड़ी संख्या में लोग वहां से पलायन करेंगे। उनमें से सबसे ज्यादा लोग पड़ोसी देश थाईलैंड में ही आएंगे।

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