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India-China Dispute: ड्रैगन ने अमेरिका को दिखाईं आंखे, कहा- सीमा विवाद भारत-चीन के बीच का मसला, न दें दखल

Sun, 15 Jan 2023 10:28 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में चीनी राजदूत वांग जी जियान की यह प्रतिक्रिया भारत-चीन सीमा मुद्दे पर अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा की गई टिप्पणियों पर आई है। वांग जी जियान ने कहा कि दोनों देशों ने राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से सीमा मुद्दों पर रचनात्मक संचार बनाए रखा है।
 
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भारत चीन अमेरिका - फोटो : फाइल
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विस्तार
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2020 के मई/जून में लद्दाख के गलवां घाटी में भारत-चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद एक बार फिर नौ दिसंबर 2022 को दोनों देशों के जवान आमने-सामने आ गए थे। जिसके बाद दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव बढ़ गया है। बीते शनिवार को ही भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन को खरी खरी सुनाई थी। जयशंकर ने कहा था कि चीन के साथ आक्रामक झड़प पर हमारी जवाबी कार्रवाई ने दिखाया है कि भारत सीमापार चुनौतियों के सामने किसी दबाव में नहीं आएगा। उनके इस बयान के बाद भारत में चीनी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा है कि भारत-चीन सीमा की स्थिति कुल मिलाकर इस समय स्थिर है। इसके साथ ही दोनों पक्षों ने सीमा संबंधी मुद्दों पर सुचारू और रचनात्मक संचार बनाए रखा है।

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अमेरिका पर चीन ने किया पलटवार
भारत में चीनी राजदूत वांग जी जियान की यह प्रतिक्रिया भारत-चीन सीमा मुद्दे पर अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा की गई टिप्पणियों पर आई है। वांग जी जियान ने कहा कि दोनों देशों ने राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से सीमा मुद्दों पर रचनात्मक संचार बनाए रखा है।

अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारी ने बिना किसी तथ्यात्मक आधार के चीन-भारत सीमा मुद्दे को लेकर चीन के खिलाफ आरोप लगाए। चीनी पक्ष इस तरह के कृत्यों का दृढ़ता से विरोध करता है कि एक तीसरा देश भू-राजनीतिक विचार के बाहर अन्य दो देशों के बीच द्विपक्षीय मुद्दे पर उंगली उठाता है।
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उन्होंने आगे कहा कि सीमा प्रश्न चीन और भारत के बीच का मामला है। दोनों पक्षों के पास बातचीत और परामर्श के माध्यम से मुद्दे को हल करने की इच्छा और क्षमता है। हमें उम्मीद है कि अमेरिका क्षेत्रीय शांति और स्थिरता में योगदान के लिए अन्य काम भी कर सकता है। यह बयान अमेरिकी विदेश विभाग के रक्षा विभाग के उस बयान के बाद आया है, जिसमें कहा गया है कि चीन तथाकथित एलएसी के साथ-साथ बलों को इकट्ठा करना और सैन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण करना जारी रखता है।

अमेरिका ने की थी यह टिप्पणी
इससे पहले दिसंबर में अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा था कि वह भारत-चीन सीमा पर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर होने वाले घटनाक्रमों पर पैनी नजर रखे हुए है। पेंटागन के प्रेस सचिव वायु सेना ब्रिगेडियर जनरल पैट राइडर ने 13 दिसंबर (स्थानीय समय) को ऑन-कैमरा प्रेस ब्रीफिंग में कहा था कि चीन तेजी से इंडो पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगियों और भागीदारों की ओर निर्देशित क्षेत्रों में सक्रिय हो रहा है।

राइडर ने कहा था कि हम अपने सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता पर कायम रहेंगे। हम इस स्थिति को कम करने के लिए भारत के जारी प्रयासों का पूरा समर्थन करते हैं। उनके अलावा अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने भी 13 दिसंबर (स्थानीय समय) को अपनी प्रेस वार्ता में कहा था कि अमेरिका यह सुनकर खुश है कि तवांग में झड़पों के बाद दोनों पक्ष जल्दी से पीछे हट गए। हम बहुत बारीकी से इस पर निगरानी कर रहे हैं और अपने भारतीय भागीदारों के साथ जुड़ रहे हैं। 

उन्होंने कहा, "... हम वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सीमा पार घुसपैठ, सैन्य या नागरिक द्वारा क्षेत्रीय दावों को आगे बढ़ाने के किसी भी एकतरफा प्रयास का कड़ा विरोध करते हैं। हम भारत और चीन को मौजूदा द्विपक्षीय चैनलों का उपयोग विवादित सीमाओं पर चर्चा करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।' 

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