रूस ने यूक्रेन दो प्रांतों डोनेत्स्क और लुहांस्क को स्वतंत्र देश घोषित कर दिया है। इस घोषणा के साथ ही पुतिन ने लुहांस्क- डोनेत्स्क और अलगाववादियों के कब्जे वाले इलाके में सेना की तैनाती शुरू भी कर दी है। पुतिन के इस कदम के बाद ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आपात बैठक बुलाई है। डोनबास क्षेत्र रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते संकट का एक महत्वपूर्ण बिंदु रहा है और पुतिन के इस फैसले के बाद तनाव और बढ़ गया है और युद्ध की आशंका मजबूत हो गई है।
कैसे हैं ये क्षेत्र
पुतिन ने यूक्रेन के जिन दो प्रांतों को स्वतंत्र घोषित किया है डोनेत्स्क डोनबास राज्य का मुख्य शहर है। यह कई प्रमुख खनन भंडारों के प्रभुत्व वाला एक औद्योगिक केंद्र है। यह यूक्रेन के मुख्य इस्पात उत्पादक केंद्रों में से एक है। यहां की आबादी करीब 20 लाख है। इसी तरह लुहांस्क जिसे पहले वोरोशिलोवग्राद के नाम से जाना जाता था, यूक्रेन के लिए कोयले का अहम भंडार है। यह शहर भी डोनबास क्षेत्र का हिस्सा है और रूस के साथ सीमा साझा करता है।
कब से है अलगाववादियों का कब्जा?
मार्च 2014 में रूस ने जब क्रीमिया पर कब्जा किया तो उसके कुछ दिन बाद ही रूस समर्थित अलगाववादियों ने डोनेत्स्क और लुहांस्क पर भी कब्जा कर लिया। तब से यहां रूस समर्थित विद्रोहियों का कब्जा है । ये रूस समर्थक अलगाववादी माने जाते हैं और उन्होंने यूक्रेन सरकार के खिलाफ लगातार युद्ध छेड़ रखा है। बागियों ने इन दोनों शहरों को गणतंत्र भी घोषित किया है और लंबे समय से यूक्रेन से अलग होने की मांग कर रहे हैं। रूस का मानना है कि दूसरे विश्व युद्ध के दौरान दुनियाभर से जो रूसी कामगार लौटकर आए, वो डोनेत्स्क और लुहांस्क में आकर बस गए यानी वे मूल रूप से रूस के ही हैं।