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India-America Relation: भारत से बड़ा व्यापार समझौता चाहते हैं ट्रंप, कहा- पूरी ट्रेड बाधाएं हटाने की कोशिश में

Sat, 28 Jun 2025 01:34 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ बड़ा व्यापार समझौता करना चाहता है, जिसमें सभी व्यापारिक बाधाएं खत्म हो जाए। उन्होंने माना कि यह अविश्वसनीय लग सकता है, लेकिन इसके प्रयास जारी है। साथ ही ट्रंप ने कहा कुछ देशों को सिर्फ टैक्स देना होगा, हर किसी से डील नहीं होगी।

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : वीडियो ग्रैब/एक्स/व्हाइट हाउस/एएनआई
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विस्तार
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत के साथ संभावित व्यापार समझौते को लेकर उम्मीद जताई है। ट्रंप ने कहा कि वे भारत के साथ बहुत बड़ा व्यापार समझौता करना चाहते हैं, जिसमें अमेरिका को भारत में पूरी तरह व्यापार की छूट मिले। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि यह अविश्वसनीय है और शायद पूरी तरह संभव न हो।

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ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ डील की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। अभी वहां व्यापार करना काफी सीमित है। आप वहां आसानी से व्यापार नहीं कर सकते। हम ऐसी डील चाहते हैं जिसमें सभी व्यापारिक बाधाएं हट जाएं। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने हाल ही में चीन के साथ व्यापार समझौता किया है और अब भारत के साथ भी ऐसा एक बड़ा समझौता होने की संभावना है।

वार्ता के लिए वाशिंगटन में है भारतीय दल
बता दें कि ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है जब मुख्य वार्ताकार राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में एक भारतीय दल, अमेरिका के साथ अगले दौर की व्यापार वार्ता के लिए बृहस्पतिवार को वाशिंगटन पहुंचा। दोनों देश नौ जुलाई से पहले समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश में हैं। अमेरिका ने दो अप्रैल को घोषित टैरिफ दरों को नौ जुलाई तक के लिए निलंबित कर रखा है।
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सभी देशों से समझौता नहीं करेंगे ट्रंप
हालांकि ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका हर देश के साथ समझौता नहीं करेगा। कुछ देशों को केवल शुल्क चुकाना होगा। उन्होंने कहा कि हम हर देश से डील नहीं करेंगे। कुछ को सिर्फ एक चिट्ठी भेजेंगे कि अब से आपको 25%, 35% या 45% टैक्स देना होगा।

हालांकि अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हावर्ड लटनिक ने भी हाल ही में कहा था कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते के काफी करीब हैं और यह दोनों देशों के हित में होगा। उन्होंने कहा कि मैं बहुत आशावादी हूं कि जल्द ही कोई समझौता हो सकता है।

पीयूष गोयल ने भी दी थी जानकारी
इतना ही नहीं इस मामले में भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी बीते 10 जून को कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की फरवरी 2025 में हुई बैठक के बाद दोनों देशों के बीच एक निष्पक्ष और संतुलित व्यापार समझौते पर सहमति बनी है। उन्होंने इसे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं और जनता के लिए लाभदायक बताया।

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भारत और अमेरिका के बीच समझौते पर अंतिम बातचीत
गौरतलब है कि फिलहाल भारत और अमेरिका के बीच इस समझौते को लेकर अंतिम बातचीत चल रही है। यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब 90 दिन की टैरिफ छूट की अवधि 9 जुलाई को खत्म होने वाली है। सूत्रों के अनुसार, अमेरिका चाहता है कि भारत अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पादों पर टैक्स कम करे और जेनेटिकली मॉडिफाइड (जीएमओ) फसलों के लिए बाजार खोले।
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भारत के लिए कृषि क्षेत्र में अमेरिका को शुल्क रियायतें देना कठिन
लेकिन व्यापार वार्ता से जुड़े सूत्रों के अनुसार, भारत के लिए कृषि और दुग्ध क्षेत्र में अमेरिका को शुल्क रियायतें देना कठिन है। भारत ने अब तक हस्ताक्षरित किसी भी मुक्त व्यापार समझौते में दुग्ध क्षेत्र को नहीं खोला है। अमेरिका कुछ औद्योगिक वस्तुओं, मोटर वाहन विशेषकर इलेक्ट्रिक वाहनों, वाइन, पेट्रोरसायन उत्पादों, दुग्ध तथा कृषि उत्पादों तथा आनुवंशिक रूप से संशोधित फसलों पर शुल्क रियायत चाहता है।

वहीं, भारत कपड़ा, रत्न एवं आभूषण, चमड़े के सामान, परिधान, प्लास्टिक, रसायन, झींगा, तिलहन, अंगूर और केले जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में अमेरिका से शुल्क रियायत मांग रहा है। इसको लेकर भारत सरकार ने साफ किया है कि भारत के राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और कोई भी समझौता तभी होगा जब वह देश और किसानों के हित में होगा।

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