अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी ने जेफ्री एप्सटीन के रिश्तों की जांच के लिए टॉप प्रॉसिक्यूटर जे क्लेटन को नियुक्त किया है। दस्तावेजों में क्लिंटन, समर्स और हॉफमैन जैसे बड़े नामों का जिक्र सामने आने से राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। ट्रंप इसे डेमोक्रेटिक होक्स बता रहे हैं, जबकि ईमेल्स में अब तक किसी के खिलाफ गलत काम का सबूत नहीं मिला है।
अमेरिका में जेफ्री एपस्टीन के मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कहने पर अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने न्यूयॉर्क के टॉप फेडरल प्रॉसिक्यूटर जे क्लेटन को जेफ्री एपस्टीन के रिश्तों की जांच शुरू करने का आदेश दिया है। यह जांच खासतौर पर उन राजनीतिक लोगों पर केंद्रित होगी, जिन्हें ट्रंप अपने विरोधी बताते हैं, जैसे पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन।
देखा जाए तो यह फैसला तब लिया गया है कि जब कांग्रेस के रिपब्लिकन सदस्यों ने इस हफ्ते एपस्टीन की संपत्ति से जुड़े लगभग 23,000 पन्नों के दस्तावेज जारी किए और कुछ ईमेल में ट्रंप के जिक्र के कारण डेमोक्रेट्स ने सवाल उठाए। इसके बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि एपस्टीन के रिश्तों और बातचीत को लेकर जांच होनी चाहिए, खासतौर पर क्लिंटन, पूर्व वित्त मंत्री लैरी समर्स और लिंक्डइन के संस्थापक रीड हॉफमैन जैसे डेमोक्रेट समर्थकों की। हालांकि, इन सभी में से किसी पर भी एपस्टीन के पीड़ितों ने कोई यौन आरोप नहीं लगाया है।
क्या कहते है दस्तावेज?
वहीं दस्तावेज दिखाते हैं कि एपस्टीन ने वर्षों तक कई बड़े नामों ट्रंप, क्लिंटन, समर्स और हॉफमैन के बारे में ईमेल लिखे, लेकिन इनमें किसी भी तरह के अपराध का संकेत नहीं मिलता। क्लिंटन ने स्वीकार किया कि वे एपस्टीन के निजी विमान में कुछ बार गए थे, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें एपस्टीन की अपराधों की जानकारी नहीं थी। ट्रंप और क्लिंटन दोनों पर पीड़ितों ने कोई आरोप नहीं लगाया है।
हालांकि दूसरी ओर समर्स और हॉफमैन ने पहले ही कबूल किया है कि एपस्टीन से संबंध रखना उनकी बड़ी गलती थी। हॉफमैन ने कहा था कि एमआईटी से जुड़े एक कार्यक्रम में एपस्टीन की मौजूदगी वाले कार्यक्रम में शामिल होकर उन्होंने उसकी इमेज को सुधारने में मदद कर दी, जिसका उन्हें अफसोस है।
ट्रंप के रुख में बदलाव