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US Politics: 'PAK में परिवार के कारोबार के कारण भारत से मजबूत संबंधों की दी बलि', पूर्व NSA का ट्रंप पर हमला

Tue, 02 Sep 2025 09:30 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।

सार

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने भारत के साथ संबंधों में खटास को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप ने अपने परिवार के क्रिप्टो कारोबार के लिए भारत जैसे रणनीतिक साझेदार को दरकिनार कर दिया। बाइडन प्रशासन में शीर्ष पद पर रहे सुलिवन ने किन मुद्दों पर ट्रंप की घेराबंदी की? जानिए पूरा मामला-
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जेल सुलिवन, डोनाल्ड ट्रंप, जॉन बॉल्टन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) और वकील जेल सुलिवन ने हाल ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने अपने परिवार के पाकिस्तान में व्यापारिक हितों के कारण भारत के साथ अमेरिका के मजबूत संबंधों को नजरअंदाज किया। जो बाइडन प्रशासन में एनएसए रहे सुलिवन ने कहा कि भारत जैसे देश के साथ संबंधों की बलि देना अमेरिका की एक बड़ी रणनीतिक गलती है। इससे पहले भारत के साथ संबंधों में टकराव को लेकर पूर्व एनएसएस जॉन बोल्टन भी ट्रंप को निशाना बना चुके हैं। 
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बहावलपुर में भारतीय हमले में तबाह आतंकी ठिकाना - फोटो : पीटीआई (पीटीआई)
एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में सुलिवन से अमेरिका और भारत के व्यापार समझौते को लेकर चल रहे विवाद और ट्रंप के उन बयानों के बारे में पूछा गया, जिनमें उन्होंने भारत-पाकिस्तान बीच संघर्षविराम कराने का दावा किया था। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमला हुआ था। जिसमें 26 यात्रियों की नृशंस तरीके से हत्या कर दी गई थी। इनमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक शामिल थे। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था और पाकिस्तान में कई आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। बाद में पाकिस्तान ने संघर्षविराम की गुहार लगाई और फिर दोनों देश संघर्ष को रोकने पर सहमत हुए। लेकिन बाद में ट्रंप ने इसका श्रेय लेने की कोशिश में जुट गए और उन्होंने कई बार दोनों देशों के बीच संघर्षविराम कराने का दावा किया। 

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नरेंद्र मोदी, जो बाइडन - फोटो : एएनआई (फाइल)
'दशकों में मजबूत हुए भारत-अमेरिका संबंध'
इंटरव्यू के दौरान यह भी जिक्र हुआ कि ट्रंप परिवार की पाकिस्तान में बिटकॉइन से जुड़ी व्यापारिक गतिविधियां चल रही हैं, जबकि एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) टिम कुक भारत में फैक्ट्रियां लगवा रहे हैं। सुलिवन ने कहा, मैं समझता हूं कि ट्रंप की विदेश नीति का यह हिस्सा सबसे कम रिपोर्ट किया गया है और मैं खुश हूं कि आपने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ने दशकों से भारत के साथ संबंध मजबूत किए हैं, वह भी दोनों राजनीतिक दलों (डेमोक्रेटिक पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी) के सहयोग से। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अमेरिका को उसके साथ तकनीक, प्रतिभा, अर्थव्यवस्था और चीन से निपटने जैसे मुद्दों पर साथ खड़ा होना चाहिए। 

पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : एएनआई (फाइल)
'भारत को किनारे कर दिया'
सुलिवन ने कहा कि अमेरिका ने भारत के साथ संबंधों को बहुत मेहनत से बनाया था। लेकिन अब ट्रंप ने अपने परिवार को व्यापारिक सौदों की वजह से भारत के साथ संबंधों को किनारे कर दिया है। उन्होंने कहा, यह अमेरिका के लिए एक बड़ा रणनीतिक नुकसान है, क्योंकि अमेरिका-भारत के मजबूत संबंध हमारे अपने हित में हैं। सुलिवन ने चेतावनी दी कि इस तरह की घटनाओं से जर्मनी, जापान या कनाडा जैसे देश भी सोचने पर मजबूर होंगे कि कल उनके साथ भी ऐसा ही हो सकता है। उन्होंने कहा कि इससे यह धारणा बनती है कि अमेरिका पर भरोसा नहीं किया जा सकता और बाकी देशों को को खुद को अमेरिका से बचाकर चलना चाहिए। 

जेक सुलिवन - फोटो : एएनआई (फाइल)
'भरोसा हमेशा अमेरिका की ताकत रही'
सुलिवन ने कहा कि अगर अमेरिका के दोस्त यह मान लें कि वे अमेरिका पर किसी भी स्थिति में भरोसा नहीं कर सकते, तो यह अमेरिकी जनता के दीर्घकालिक हित में नहीं है। उन्होंने कहा, हमारी बात हमारी पहचान होनी चाहिए। हमारे दोस्त हम पर भरोसा कर सकें, यह हमेशा अमेरिका की ताकत रही है। भारत के साथ जो हो रहा है, उसका असर न केवल दोनों देशों के संबंधों पर पड़ेगा, बल्कि पूरी दुनिया में हमारे बाकी साझेदारों के साथ संबंधों पर भी इसका असर दिखेगा। 

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क्रिप्टो (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एडॉबस्टॉक
क्रिप्टो निवेश के लिए पाकिस्तान से किए समझौते
इससे पहले अप्रैल में वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंस (डब्ल्यूएलएफ) ने पाकिस्तान क्रिप्टो काउंसिल (पीसीसी) के साथ कई समझौते किए, जिनका मकसद पाकिस्तान में क्रिप्टो निवेश और नवाचार को बढ़ावा देना था। डब्ल्यूएलएफ एक विकेंद्रीकृत वित्तीय मंच है, जिसे ट्रंप का समर्थन हासिल है। इसका मकसद क्रिप्टो मुद्रा को आगे बढ़ाना और ब्लॉकचेन तकनीक को अपनाना है। ट्रंप और उनके सहयोगी डब्ल्यूएलएफ में 60 फीसदी हिस्सेदारी रखते हैं। यह मंच 2024 में लॉन्च किया गया था। इस समझौते पर हस्ताक्षर समारोह में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के बेटे जैकरी विटकॉफ भी मौजूद थे। 

असीम मुनीर - फोटो : एक्स/डीजी आईएसपीआर
व्हाइट हाउस में पाकिस्तानी सेना प्रमुख
जून में पाकिस्तानी सेना ने बताया था कि फील्ड मार्शल असीम मुनीर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्हाइट हाउस में व्यापार, आर्थिक विकास और क्रिप्टो मुद्रा को लेकर चर्चा हुई।पाकिस्तानी सेना ने अपने बयान में कहा, राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी और व्यापार को बढ़ावा देने में गहरी रुचि दिखाई। 

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : एएनआई (फाइल)
भारत को टैरिफ की धमकी और पाकिस्तान से तेल सौदा
ट्रंप ने जुलाई में भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी। यही नहीं पाकिस्तान के साथ एक नए व्यापार समझौते की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि अमेरिका, पाकिस्तान को उसके तथाकथित विशाल तेल भंडार के विकास में मदद करेगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, हमने पाकिस्तान के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत अमेरिका और पाकिस्तान मिलकर उसके विशाल तेल भंडार को विकसित करेंगे। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस व्यापार समझौते को ऐतिहासिक बताया और उम्मीद जताई कि इससे दोनों देशों के बीच सहयोग और बढ़ेगा। 

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