अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव के बाद रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस में अपना नियंत्रण खो देती है और डेमोक्रेट्स को बढ़त मिलती है, तो वह विधेयकों पर वीटो का इस्तेमाल करेंगे। ट्रंप का मानना है कि इस रणनीति से विपक्ष को व्हाइट हाउस के साथ समझौता करने के लिए बातचीत की मेज पर आना पड़ेगा।
व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने यह बात कही। वह फ्लोरिडा में एक चुनावी रैली के लिए रवाना हो रहे थे। उनसे पूछा गया था कि यदि कांग्रेस में दोनों पार्टियों के बीच टकराव बढ़ता है और अगले दो साल तक विधायी कामकाज बाधित रहता है, तो क्या इसका अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ सकता है?
'रिपब्लिकन जीतेंगे, लेकिन ऐसा हुआ तो हर चीज पर वीटो लगाऊंगा'
ट्रंप ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि रिपब्लिकन पार्टी चुनाव में जीत हासिल करेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि अगर कांग्रेस में राजनीतिक गतिरोध की स्थिति बनती है, तो वह इससे निपटने के लिए अपने राष्ट्रपति पद के अधिकारों का इस्तेमाल करेंगे।
उन्होंने कहा "मुझे लगता है कि रिपब्लिकन जीतने जा रहे हैं। लेकिन अगर गतिरोध होता है, तो मैं हर चीज पर वीटो लगाऊंगा। इसके बाद डेमोक्रेट्स समझौता करने के लिए आएंगे।" ट्रंप ने आगे कहा कि जब बार-बार वीटो लगाया जाएगा, तो विपक्षी नेता पूछेंगे कि काम कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है। इसके बाद दोनों पक्ष किसी समझौते पर पहुंच सकते हैं। उनके मुताबिक, इस तरह राजनीतिक गतिरोध को बातचीत के जरिए दूर किया जा सकता है।
आर्थिक नुकसान की आशंका को ट्रंप ने किया खारिज
पत्रकारों ने ट्रंप से सवाल किया था कि क्या कांग्रेस में लंबे समय तक विधायी गतिरोध बने रहने से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान हो सकता है। ट्रंप ने इस आशंका को प्रमुखता देने के बजाय अपने वीटो अधिकारों को बातचीत का माध्यम बताया। उनका तर्क है कि यदि राष्ट्रपति और कांग्रेस के बीच मतभेद बढ़ते हैं, तब भी सरकार के लिए समझौते का रास्ता खुला रह सकता है।
चुनाव से पहले रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में जुटे ट्रंप
ट्रंप इन दिनों मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवारों की संभावनाएं मजबूत करने के लिए लगातार प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी चुनावी रैलियों में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं और इससे अलग-अलग राज्यों में पार्टी के उम्मीदवारों को मदद मिल रही है।
राष्ट्रपति ने आयोवा में हालिया प्रचार कार्यक्रमों का जिक्र किया और फ्लोरिडा तथा मिशिगन में होने वाली अपनी आगामी रैलियों की चर्चा की। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सीनेट के कुछ रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए मुकाबला कठिन है। इसके बावजूद उन्होंने रिपब्लिकन समर्थकों के उत्साह पर भरोसा जताया।
ट्रंप ने इस आशंका को भी खारिज किया कि लगातार चुनाव प्रचार करने से उनके खिलाफ राजनीतिक प्रतिक्रिया पैदा हो सकती है। उनका कहना था कि उनकी रैलियां उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाने में मदद कर रही हैं और वह चुनाव तक प्रचार जारी रखेंगे।
कांग्रेस में सत्ता का संतुलन बदलने पर क्या होगा?
नवंबर के मध्यावधि चुनाव यह तय करने में अहम होंगे कि अमेरिकी कांग्रेस में रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण कायम रहता है या डेमोक्रेट्स अपनी स्थिति मजबूत करते हैं। ऐसे में ट्रंप का बयान चुनाव के बाद व्हाइट हाउस और कांग्रेस के बीच संभावित संबंधों की झलक देता है।