अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप ने बीते सोमवार को शपथ ग्रहण किया। ये शपथ ग्रहण कई मायनो में खास रहा। इसी बीच एक रिपोर्ट में दावा किया किया गया राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे शपथ ग्रहण समारोह को लगभग 24.6 मिलियन लोगों ने टेलीविजन पर देखा। यह संख्या 2013 में राष्ट्रपति बराक ओबामा के दूसरे शपथ ग्रहण समारोह के बाद सबसे कम रही। दूसरी ओर सत्ता में वापसी के साथ ही डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी नीति, अपना लक्ष्य और मंशा पूरी तरह से साफ कर दी है। चाहे वो चीन पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की बात हो या फिर संघर्ष से प्रभावित रहा पश्चिम एशिया की यात्रा हो उन्होंने कई मुद्दों पर लोगों का ध्यान खींचा।
पहले बात ट्रंप के शपथ ग्रहण कवरेज की
डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण के समारोह में कवरेज को लेकर नीलसन कंपनी के अनुसार, ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह के दर्शकों की संख्या जो बाइडन के 2021 के शपथ ग्रहण समारोह से कम थी, जिसे 33.8 मिलियन लोगों ने देखा था। ट्रंप के पहले शपथ ग्रहण समारोह को 2017 में 30.6 मिलियन लोगों ने देखा था।
दर्शकों की संख्या में बदलाव
पिछले कई दशकों में शपथ ग्रहण समारोह के दर्शकों की संख्या में बदलाव आया है। उदाहरण के लिए, 1981 में रोनाल्ड रीगन के शपथ ग्रहण समारोह को 41.8 मिलियन लोगों ने देखा था, जबकि 2004 में जॉर्ज डब्ल्यू बुश के दूसरे शपथ ग्रहण समारोह को सिर्फ 15.5 मिलियन लोगों ने देखा। हालांकि ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह की कवरेज काफी लंबी थी, जो 10:30 AM से 7:30 PM (EST) के बीच चली। इस कारण से औसत दर्शक संख्या कम हो सकती है क्योंकि लोग दिन के साथ इसे देखना छोड़ सकते थे।
अब बात चीन पर टैरिफ लगाने की
शपथ ग्रहण के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को लेकर अपनी मंशा साफ कर दी। उन्होंने मंगलवार को कहा कि उनकी टीम चीन पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने पर विचार कर रही है और इसका कारण यह बताया कि चीन मेक्सिको और कनाडा को फेंटेनाइल नामक ड्रग भेज रहा है।
1 फरवरी से लागू हो सकता है टैरिफ
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि 1 फरवरी से चीन पर यह टैरिफ लागू किया जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि मेक्सिको और चीन के लिए 25 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की योजना हो सकती है। बता दें कि यह निर्णय चीन द्वारा फेंटेनाइल जैसी खतरनाक ड्रग्स को भेजने के कारण लिया जा रहा है, जिसे अमेरिकी सरकार गंभीर रूप से देख रही है।
पश्चिम एशिया का दौरा कर सकते है ट्रंप
साथ ही डोनाल्ड ट्रंप इस्राइल-हमास युद्ध से प्रभावित पश्चिम एशिया का दौरा करने पर विचार कर रहें हैं। हालांकि उन्होंने ये भी साफ किया कि वो अभी तुरंत यात्रा करने पर विचार नहीं कर रहे है। इसको लेकर उन्होंने मंगलवार को कहा कि वह मध्य पूर्व यात्रा पर जाने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन अभी नहीं, क्योंकि बंधकों की वापसी प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 7 अक्टूबर, 2023 को हमास द्वारा इस्राइ पर हमला नहीं होना चाहिए था और यह एक बहुत दुखद स्थिति है।
बंधकों की वापसी पर भी बोले ट्रंप
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से आगे कहा कि बंधक अब वापस आ रहे हैं, लेकिन कुछ बंधक बहुत बुरी तरह घायल हो गए हैं। उन्होंने हमास द्वारा रिहा की गई एक महिला बंधक, जिसकी उंगली कटी हुई है उसका उदाहारण देते हुए कहा कि स्थिति बहुत भयावह है।
बाइडन के कारण बंधकों की रिहाई में हुई देरी
साथ ही मामले में ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अगर वह वहां नहीं होते, तो बंधक कभी वापस नहीं आते और मर जाते। उन्होंने कहा कि अगर जो बाइडन ने पहले यह सौदा किया होता, तो यह स्थिति नहीं होती। उन्होंने कहा कि बाइडन की वजह से बंधकों को वापस लाने में देरी हुई और स्थिति अब बहुत खराब हो गई है।