अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए 90 दिनों के लिए यूक्रेन समेत सभी देशों की आर्थिक मदद निलंबित कर दी। आदेश के मुताबिक, सभी अमेरिकी विदेशी सहायता कार्यक्रमों को समीक्षा लंबित रहने तक 90 दिनों के लिए अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है, ताकि यह तय किया जा सके कि वे उनके नीतिगत लक्ष्यों पर खरे उतर रहे हैं या नहीं?
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आदेश से कौन-कौन प्रभावित होगा, क्योंकि कई कार्यक्रमों के लिए पैसे पहले ही आवंटित कर दिए गए हैं। अमेरिकी नियमों के मुताबिक, कांग्रेस की ओर से विनियोजित धन यदि पहले से खर्च नहीं किया गया है, तो उसे खर्च किया जाना अनिवार्य है।
कार्यालय में वापस आने के पहले दिन ट्रंप की ओर से हस्ताक्षर किए गए आदेशों में से एक में कहा गया है कि विदेशी सहायता उद्योग और नौकरशाही अमेरिकी हितों के अनुरूप नहीं हैं। कई मामलों में यह अमेरिकी मूल्यों के विपरीत है। इससे विदेशी देशों में ऐसे विचारों को बढ़ावा देकर विश्व शांति को अस्थिर करने का काम किया जा रहा है। यह देशों के आंतरिक, सामंजस्यपूर्ण और स्थिर संबंधों के सीधे विपरीत हैं।
ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका की कोई भी विदेशी सहायता इस तरह से वितरित नहीं की जाएगी, अमेरिका के राष्ट्रपति की विदेश नीति के साथ पूरी तरह से सहमत न हो। इससे पहले विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पिछले सप्ताह सीनेट की विदेश संबंध समिति के सदस्यों से कहा था कि हमारे द्वारा खर्च किया जाने वाला प्रत्येक डॉलर, हमारे द्वारा वित्तपोषित प्रत्येक कार्यक्रम और हमारे द्वारा अपनाई जाने वाली प्रत्येक नीति को तीन सरल प्रश्नों के उत्तर के साथ उचित ठहराया जाना चाहिए- क्या यह अमेरिका को सुरक्षित बनाता है? क्या यह अमेरिका को मजबूत बनाता है? क्या यह अमेरिका को अधिक समृद्ध बनाता है?