Trump Supports at US parliament capital hill
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अमेरिका के सरकारी वकीलों ने अदालत को बताया कि अमेरिकी संसद कैपिटल पर हिंसा करने वाले डोनाल्ड ट्रंप समर्थक भीड़ की मंशा निर्वाचित अधिकारियों की हत्या करना था। इस हिंसा में शामिल अरिजोना के एक आरोपी जैकब चैंस्ले के खिलाफ दाखिल प्रस्ताव में यह दावा किया गया है।
वकीलों ने कहा कि जहां उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने थोड़ी देर पहले सभा की अध्यक्षता की थी, चैंस्ले उस मंच पर चढ़ कर पेंस के लिए धमकी भरा नोट लिखा, यह केवल वक्त की बात है, न्याय होने जा रहा है।
बता दें, अमेरिका में आम चुनाव में हार के बाद इलेक्टोरल कॉलेज, अदालत और अपनी ही पार्टी में विरोध का सामना कर रहे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने पिछले हफ्ते पूरी संसद को बंधक बना लिया था। इसके चलते पूरे शहर में अफरा-तफरी मची रही। ट्रंप के समर्थकों ने उपराष्ट्रपति माइक पेंस और उनके अधिकारियों को भी अंदर जाने से रोक दिया था। जिसके बाद वाशिंगटन की मेयर ने शहर में 15 दिन तक आपातकाल बढ़ा दिया।
अमेरिका में हुई इस हिंसक उपद्रव से पूरी दुनिया में अमेरिकी लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली थी। अमेरिकी संसद की इमारत (कैपिटल हिल) के आसपास जब पूरे इलाके को खाली कराया गया तब ट्रंप समर्थकों के पास से बंदूकों के अलावा संदिग्ध विस्फोटक डिवाइसें भी मिलीं जिन्हें निष्क्रिय कर दिया गया। दंगाई लोग प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी के कार्यालय में भी पहुंचे और तोड़फोड़ की।
ट्रंप की ही पार्टी के नेता और देश के उपराष्ट्रपति जब इमारत में घुसने की कोशिश करने लगे तब भवन को बंधक बनाए उपद्रवियों ने उन्हें और उनके अधिकारियों को रोक दिया। बाद में पुलिस दखल के बाद वे अंदर गए। बिगड़ते हालात के बीच वाशिंगटन की मेयर मुरियल बाउजर ने 15 दिनों तक आपातकाल बढ़ाने का एलान कर दिया था।