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राष्ट्रपति ट्रंप की सलाह मान कोरोना से बचने के लिए लोगों को ब्लीचिंग पाउडर खाना पड़ा भारी

Sat, 25 Apr 2020 08:50 PM IST
Rohit Ojha वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : PTI
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कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रहे अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान भारी अमेरिकियों पर भारी पड़ गया है। न्यूयॉर्क में बड़ी संख्या में लोगों ने ब्लीचिंग पाउडर या लाइजॉल जैसे घर में सफाई के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पदार्थ को निगल लिया है। बाद में उन्हें स्वास्थ्यकर्मियों के पास जाना पड़ा।

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इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि लाइजॉल, डेटॉल जैसे रोगाणुओं को मारने वाले पदार्थो को निगलने से कोरोना के संक्रमण छुटकारा मिल सकता। न्यूयॉर्क के स्वास्थ्य विभाग के जहर नियंत्रण केंद्र को गुरुवार रात को नौ बजे से शुक्रवार शाम तीन बजे तक 30 लोगों ने फोनकर कहा कि उन्होंने रोगाणुनाशक पदार्थों को निगल लिया है। हालांकि केंद्र के प्रवक्ता ने कहा कि ब्लीचिंग पाउडर खाने से किसी की मौत या उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी है।

आंकड़ों के अनुसार पिछले साल इसी समय जहर खाने के केवल 13 मामले पाए गए थे। प्रवक्ता ने बताया कि गुरुवार को जो मामले सामने आए उनमें नौ लाइजॉल पीने के हैं। इसके अलावा 10 मामले ब्लीचिंग पाउडर और 11 अन्य रोगाणुनाशक पदार्थों को खाने के हैं। दूसरी ओर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने अजीबोगरीब सलाह पर सफाई दी है। इस बयान के बाद ट्रंप की जमकर आलोचना हो रही है,
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ट्रंप की सफाई
इसपर ट्रंप ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने जब डॉक्टरों को कोविड-19 के मरीजों के संभावित उपचार के लिए शरीर में टीके से जीवाणुनाशक पहुंचाने या अल्ट्रावायलेट (यूवी) प्रकाश से मरीजों के शरीर को इरेडिएट करने पर विचार करने के लिए कहा था, तो वह 'व्यंग्य' में कहा गया था। विचित्र और अवास्तविक सलाहों के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों से गुरुवार को ट्रंप के सुझाव की जमकर आलोचना की। उन्होंने लोगों से राष्ट्रपति की खतरनाक सलाह को नहीं सुनने की अपील की है।

शुक्रवार को जब ट्रंप से उनकी टिप्प्णी के बारे में पूछा गया तो, उन्होंने कहा कि मैं आप जैसे संवाददाताओं से मजाक में सवाल पूछ रहा था बस यह देखने के लिए कि क्या होता है। उन्होंने कहा कि मैं मौजूद संवाददाताओं से शरीर के भीतर रोगाणुनाशक पहुंचाने के बारे में बेहद व्यंग्यात्मक प्रश्न पूछ रहा था।

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जुडे डीरे ने कहा कि मीडिया ने गलत तरीके से राष्ट्रपति के बयान को सुर्खियों मे बदला। पूरी तरह से इस बात पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने लगातार इस बात पर जोर दिया है कि अमेरिकियों को कोरोना वायरस उपचार के बारे में अपने डॉक्टरों से परामर्श लेनी चाहिए।

ट्रंप के इस सुझाव के बाद अमेरिका की शीर्ष कोरोना वायरस की डॉक्टर डेबी ब्रिक्स शुक्रवार को व्हाइट हाउस की प्रेस ब्रीफिंग से गायब थीं। ब्रिक्स ने शुक्रवार की सुबह व्हाइट हाउस के दक्षिण लॉन में फॉक्स न्यूज को एक इंटरव्यू दिया, जिममें उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के बयान का बचाव कियाष उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के पास जब भी कोई नई जानकारी आती है, तो वो जोर से उसे बताते हैं। उन्हें शायद कॉन्फ्रेंस से थोड़ी देर पहले ही उसके बारे में जानकारी मिली थी।

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