पूर्वी प्रशांत महासागर में अमेरिकी सेना ने एक संदिग्ध ड्रग्स नाव पर हवाई हमला किया है, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। ट्रंप प्रशासन लातिन अमेरिका में 'नार्कोटेररिज्म' के खिलाफ कड़ा अभियान चला रहा है, जिसमें अब तक 191 लोग मारे जा चुके हैं। सेना ने एक्स पर इसका वीडियो भी जारी किया है। हालांकि, सबूतों के अभाव में आलोचकों ने इन हमलों की कानूनी वैधता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
अमेरिका ने ड्रग्स तस्करों के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को बेहद आक्रामक कर दिया है। पूर्वी प्रशांत महासागर में अमेरिकी सेना ने एक संदिग्ध नाव पर जोरदार हवाई हमला किया है। इस घातक हमले में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। यह लगातार दूसरा दिन है जब अमेरिका ने समुद्र में ऐसी किसी नाव को अपना निशाना बनाया है।
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मंगलवार को अमेरिकी सेना ने जिस नाव पर बमबारी की, उस पर भारी मात्रा में ड्रग्स तस्करी करने का शक था। इससे ठीक एक दिन पहले सोमवार को भी अमेरिकी सेना ने कैरेबियन सागर में एक और संदिग्ध ड्रग्स नाव पर हमला किया था, जिसमें दो लोग मारे गए थे। मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के प्रशासन ने लातिन अमेरिकी जलक्षेत्र में ड्रग्स ले जाने वाली संदिग्ध नावों को बम से उड़ाने का एक बहुत बड़ा अभियान छेड़ रखा है। सितंबर की शुरुआत से चल रहे इस हिंसक अभियान में अब तक कम से कम 191 लोगों की जान जा चुकी है।
ईरान युद्ध के बावजूद अमेरिका का यह अभियान तेज हुआ?
ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बावजूद, अमेरिका ने हाल के हफ्तों में इस क्षेत्र में अपने हमले काफी तेज कर दिए हैं।
ट्रंप का प्रशासन पश्चिमी गोलार्ध में जिसे 'नार्कोटेररिज्म' (मादक पदार्थ आतंकवाद) कहता है, उसे खत्म करने के लिए यह सब कर रहा है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि अमेरिकी सेना ने अभी तक इस बात का कोई पुख्ता सबूत नहीं दिया है कि नष्ट की गई इन नावों में सच में ड्रग्स मौजूद था।
मादुरो की गिरफ्तारी से कोई संबंध?
अमेरिका ने कई पीढ़ियों बाद इस क्षेत्र में अपनी सबसे बड़ी सैन्य उपस्थिति दर्ज की है। यह भारी सैन्य तैनाती जनवरी में हुई उस बड़ी छापेमारी से कुछ महीने पहले शुरू हुई थी, जिसमें वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ा गया था। मादुरो को पकड़कर न्यूयॉर्क लाया गया था, जहां उन पर ड्रग्स तस्करी के गंभीर आरोप चल रहे हैं, हालांकि उन्होंने अदालत में खुद को बेकसूर बताया है। वहीं, ट्रंप का तर्क है कि अमेरिका में नशीले पदार्थों की सप्लाई रोकने और ओवरडोज से होने वाली अमेरिकियों की मौतों को कम करने के लिए यह कड़ा कदम उठाना बहुत जरूरी है।
आलोचकों ने उठाए हैं गंभीर सवाल?
भले ही ट्रंप प्रशासन इन मरने वाले लोगों को 'नार्कोटेररिस्ट' बता रहा है, लेकिन उसने अपने इन दावों को सच साबित करने के लिए बहुत कम सबूत दिए हैं। सबूतों की इस भारी कमी के कारण कई आलोचक और मानवाधिकार कार्यकर्ता सामने आ गए हैं। आलोचकों ने बिना सबूत नावों पर इस तरह से सीधे सैन्य हमले करने की पूरी कानूनी वैधता पर ही बहुत गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।