जी-7 बैठक से इतर सबसे बड़ी खबर यह निकल कर आ रही है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न सिर्फ ट्रेड वॉर को लेकर चीन के प्रति अपने सुर नरम किए हैं बल्कि ईरान के साथ भी अपनी धुन बदली है। ट्रंप ने हाल ही में रद्द की गई चीन-अमेरिका व्यापार वार्ता के बहुत जल्द शुरू होने की बात कही है और साथ ही यह भी कहा कि वे तेहरान में शासन परिवर्तन की मांग नहीं कर रहे हैं। ट्रंप के रवैये में इस बदलाव से ईरान और चीन के साथ अलग-अलग मोर्चों पर पैदा तनाव कुछ कम हो सकता है। इससे पहले ट्रंप जी-7 बैठक में ट्रंप दुनिया के नेताओं के सामने अलग-थलग पड़े दिखाई दिए।
अमेरिका-चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध से चीन को बड़ा झटका लगा है। चीन की मुद्रा युआन सोमवार को डॉलर के मुकाबले 2008 के बाद 11 साल के निम्नतम स्तर पर आ गई। एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले युआन 7.1487 पर आ गया है। इससे न सिर्फ निवेशकों का भरोसा कम हुआ, बल्कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य भी धुंधला पड़ा है। इस गिरावट का एक कारण हांगकांग में सरकार विरोधी प्रदर्शन के चलते चीनी शेयर बाजार पर बढ़ता दबाव भी है। सोमवार को सिर्फ चीनी युआन ही नहीं बल्कि तुर्की की मुद्रा लीरा भी एक फीसदी कमजोरी के साथ डॉलर के मुकाबले लुड़ककर 6.47 के स्तर पर पहुंच गई।