अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी नई टैरिफ नीति का एलान किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका पर जो भी देश जैसा टैरिफ लगाएगा हम भी उसके साथ वैसा ही करेंगे। अमेरिका की नई टैरिफ नीति जैसे को तैसा वाली है। नई टैरिफ नीति के कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए उन्होंने यह टिप्पणी की। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि भारत में किसी भी दूसरे देश की तुलना में सबसे अधिक टैरिफ हैं।
ट्रंप ने ओवल ऑफिस में कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए कहा कि निष्पक्षता के उद्देश्य से मैंने यह निर्णय लिया है कि मैं पारस्परिक शुल्क लगाऊंगा। यह सभी के लिए उचित है। कोई अन्य देश इस पर शिकायत नहीं कर सकता। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी पारस्परिक टैरिफ प्रणाली व्यापार करने का एकमात्र उचित तरीका है।
'भारत बहुत ज्यादा टैरिफ वसूलता है'
रेसिप्रोकल टैरिफ पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह कुछ ऐसा है जो कई साल पहले किया जाना चाहिए था। चीन ने इसे उस स्तर पर किया जो शायद पहले कभी किसी ने नहीं देखा। इसका अर्थ होगा कि बड़ी संख्या में नौकरियां पैदा होंगी और अंततः कीमतें वही रहेंगी। परंपरागत रूप से, भारत इस मामले में सबसे ऊपर है। कुछ छोटे देश हैं जो वास्तव में इससे ज़्यादा हैं, लेकिन भारत बहुत ज़्यादा टैरिफ वसूलता है। मुझे याद है जब हार्ले डेविडसन भारत में अपनी मोटरसाइकिलें नहीं बेच पा रही थी, क्योंकि भारत में कर बहुत अधिक था, टैरिफ बहुत अधिक था, और हार्ले को निर्माण करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। लेकिन मुझे लगता है कि उन्होंने टैरिफ का भुगतान करने से बचने के लिए भारत में एक कारखाना बनाया।
कनाडा को करना होगा भुगतान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने कहा कि व्यापार के मामले में कनाडा हमारे लिए बहुत बुरा रहा है, लेकिन अब कनाडा को भुगतान करना शुरू करना होगा। कनाडा सेना पर सख्त रहा है क्योंकि उनकी सैन्य लागत बहुत कम है। उन्हें लगता है कि हम अपनी सेना के साथ उनकी रक्षा करने जा रहे हैं, जो अनुचित है। मुझे लगता है कि कनाडा हमारा 51 वां राज्य बनने के लिए एक बहुत ही गंभीर दावेदार बनने जा रहा है।
रूस को जी-7 में देखना चाहता हूं- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे रूस को G7 में वापस देखना चाहते हैं। ट्रंप ने कहा कि मैं रूस को जी-7 में वापस लाना पसंद करूंगा, रूस को बाहर करना एक गलती थी। इस दौरान रूस का जिक्र कर ट्रंप ने कहा कि मैं उन्हें (रूस को G7 में) वापस लाना पसंद करूंगा। मुझे लगता है कि उन्हें बाहर निकालना एक गलती थी। मुझे लगता है कि पुतिन वापस आना पसंद करेंगे। ओबामा और कुछ अन्य लोगों ने गलती की, और उन्होंने रूस को बाहर कर दिया। यह बहुत संभव है कि अगर वह G8 होता तो हमें यूक्रेन के साथ समस्या नहीं होती।
यूक्रेन-रूस जंग को लेकर दी प्रतिक्रिया
यूक्रेन युद्ध को समाप्त करना होगा। युवा लोगों को उस स्तर पर मारा जा रहा है जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से किसी ने नहीं देखा है। यह एक हास्यास्पद युद्ध है, इसे समाप्त होना चाहिए। राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ हमारी अच्छी बातचीत हुई। किसी ने कहा कि मुझे पहले जेलेंस्की को बुलाना चाहिए था। लेकिन मुझे ऐसा नहीं लगता। मुझे पता है कि ज़ेलेंस्की एक समझौता करना चाहते हैं क्योंकि उन्होंने मुझे ऐसा बताया था। लेकिन मुझे अब पता है कि रूस भी एक समझौता करना चाहता है।
मस्क और पीएम मोदी की मुलाकात पर भी बोले ट्रंप
प्रेस वार्ता के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और एलन मस्क के बीच मुलाकात पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रया दी। उन्होंनें कहा कि मुझे लगता है कि वह (मस्क) भारत में व्यापार करना चाहते हैं, लेकिन टैरिफ के कारण भारत व्यापार करने के लिए एक बहुत ही कठिन जगह है। भारत में टैरिफ सबसे अधिक है। यह व्यापार करने के लिए एक कठिन जगह है। मुझे लगता है कि उनकी मुलाकात संभवतः इसलिए हुई क्योंकि वह एक कंपनी चला रहे हैं। वह ऐसा कुछ कर रहे हैं जिसके बारे में वह लंबे समय से दृढ़ता से महसूस कर रहे हैं।
ब्रिक्स को दी धमकी
प्रेस वार्ता के दौरान ट्रंप ने ब्रिक्स देशों को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स खत्म हो चुका है। ब्रिक्स को वहां एक बुरे उद्देश्य के लिए रखा गया था। मैंने ब्रिक्स देशों से कहा है कि अगर वे डॉलर के साथ खेल खेलना चाहते हैं, तो उन पर 100% टैरिफ लगेगा। जिस दिन वे उल्लेख करेंगे कि वे डॉलर के अलावा किसी अन्य मुद्रा में व्यापार करेंगे तो उनके खिलाफ ऐसा ही होगा।
इस बीच, वाणिज्य सचिव के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पसंद हॉवर्ड लुटनिक ने पारस्परिक टैरिफ की रिलीज की तारीख के बारे में पूछे जाने पर कहा कि हमारे सभी अध्ययन 1 अप्रैल तक पूरे हो जाने चाहिए। ऐसे में अगर राष्ट्रपति चाहें तो दो अप्रैल को इसे लागू कर सकते हैं। लेकिन याद रखें, यदि वे अपने टैरिफ कम करते हैं, तो अमेरिकियों के लिए कीमतें कम हो रही हैं, हमारा उत्पादन बढ़ रहा है, और हमारी लागत कम हो रही है। यह दो-तरफा रूट । यही कारण है कि ऐसा है पारस्परिक कहा जाता है। ट्रंप ने कहा कि मेरा मानना है कि राष्ट्रपति पुतिन से जब मैंने कल बात की थी तो मुझे लगा कि वह भी शांति चाहते हैं। मुझे लगता है कि अगर उन्हें ऐसा नहीं करना होता तो वह मुझे बताते। मुझे लगता है कि वह शांति देखना चाहेंगे।
अमेरिकी निर्माताओं और विदेशी प्रतिस्पर्धियों के बीच प्रतिस्पर्धा होगी कम
ट्रंप प्रशासन ने जोर देकर कहा है कि नई टैरिफ योजना अमेरिकी निर्माताओं और विदेशी प्रतिस्पर्धियों के बीच प्रतिस्पर्धा को कम करेगा। वहीं, विशेषज्ञों ने कहा कि टैरिफ योजना से अमेरिका के व्यापारिक सहयोगियों और प्रतिद्वंद्वियों के साथ आर्थिक टकराव शुरू हो सकता है। हालांकि इससे अमेरिका में भी मुद्रास्फीति बढ़ने की संभावना है। कहा, यदि इस एजेंडे से मुद्रास्फीति बढ़ती है और विकास धीमा होता है तो टैरिफ की राजनीति आसानी से ट्रंप प्रशासन पर उलटी पड़ सकती है। यह एक ऐसा कदम है जो व्यापार युद्ध में नए मोर्चे खोल सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि पारस्परिक शुल्क में अमेरिकी आयात पर टैरिफ दरों में वृद्धि शामिल है, जो निर्यातक देशों द्वारा अमेरिकी उत्पादों पर लगाए जाने वाले शुल्क से मेल खाती है।
वहीं, टैरिफ को लेकर कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने से पहले ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा कि तीन बेहतरीन सप्ताह, शायद अब तक के सबसे अच्छे, लेकिन आज का दिन बहुत बड़ा है: पारस्परिक टैरिफ। अमेरिका को फिर से महान बनाओ। वहीं व्हाइट हाउस ने बुधवार को कहा था कि पारस्परिक टैरिफ योजना की घोषणा पीएम मोदी के साथ बैठक से पहले की जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो इसे टैरिफ पर अमेरिका की स्थिति के बारे में संदेश देने के रूप में देखा जाएगा।
अमेरिका दौरे पर हैं पीएम मोदी
पीएम नरेंद्र मोदी अमेरिका के दौरे पर हैं। यहां वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच व्यापार और टैरिफ, निवेश और टेक्नोलॉजी, रक्षा और ऊर्जा, आव्रजन मुद्दे और अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर चर्चा होगी। यह पीएम मोदी की अमेरिका की 10वीं यात्रा है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी कुल चौथी मुलाकात होगी। इससे पहले 2024 में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने उन्हें राजकीय अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था। उनकी पहली अमेरिका यात्रा 2014 में बराक ओबामा के राष्ट्रपति रहते हुई थी।