फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US-Iran Nuclear Deal: 'ईरान परमाणु समझौते की शर्तों पर कुछ हद तक सहमत', ट्रंप ने कहा- उसके पास दो ही विकल्प

Fri, 16 May 2025 12:38 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दोहा

सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कतर की राजधानी दोहा में पत्रकारों से बात करते हुए इस बात का संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते की शर्तों पर कुछ हद तक सहमति बनी है। यह समझौता जल्द ही पूरा हो सकता है। हालांकि, ट्रंप ने इस बात पर भी जोर दिया कि अगर बातचीत विफल होती है, तो ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की संभावना बनी रहेगी।
विज्ञापन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : एएनआई/रॉयटर्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते की शर्तों पर कुछ हद तक सहमति बन गई है। उन्होंने इस बात का संकेत दिया कि अब दोनों देशों के बीच परमाणु समझौता जल्द ही पूरा हो सकता है। इससे पहले, ट्रंप ने कहा था कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर जारी गतिरोध को हल करने के लिए दो ही कदम उठाए जा सकते हैं या तो समझौता या फिर जंग। 

विज्ञापन


राष्ट्रपति ट्रंप ने कतर की राजधानी दोहा में एक व्यापारिक सम्मेलन में पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के जो बातचीत हुई, वह 'दीर्घकालिक शांति' के लिए बहुत जरूरी और गंभीर बातचीत थी, और इसमें प्रगति जारी है। हालांकि, ट्रंप ने इस बात पर भी जोर दिया कि अगर बातचीत विफल होती है, तो ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की संभावना बनी रहेगी। हालांकि, ट्रंप ने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया कि किन-किन बातों पर सहमति बनी है, लेकिन उन्होंने कहा कि ईरान के साथ तालमेल बढ़ रहा है। 

ये भी पढ़ें: Iran-US Conflict: 'समझौता या जंग.. ईरान के पास सिर्फ दो रास्ते'; परमाणु डील पर गतिरोध को लेकर ट्रंप की चेतावनी
विज्ञापन


ईरान यूरेनियम भंडार को खत्म करने के लिए तैयार: शमखानी
दूसरी ओर, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शीर्ष राजनीतिक, सैन्य और परमाणु सलाहकार अली शमखानी ने बताया कि ईरान अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम भंडार को खत्म करने के लिए तैयार है, जिसे हथियार बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान अब केवल उतना यूरेनियम बनाएगा, जो नागरिक उपयोग में आ सके और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को इस प्रक्रिया की निगरानी करने की अनुमति देता है। अली शमखानी ने कहा कि बदले में ईरान सभी आर्थिक प्रतिबंधों को तत्काल हटाना चाहता है।

परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान का रुख साफ
अमेरिका परमाणु समझौते को लेकर लगातार ईरान को धमकी देता रहा है। हालांकि ईरान ने हमेशा कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण और नागरिक उद्देश्यों के लिए है, न कि हथियार बनाने के लिए। गौरतलब है कि ट्रंप ने अमेरिका को 2015 में हुए परमाणु समझौते से अलग कर लिया था और धमकी दी थी कि अगर नया समझौता नहीं हुआ, तो ईरान पर सैन्य हमला किया जा सकता है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Donald Trump: ट्रंप की सीरियाई राष्ट्रपति से मुलाकात बदल सकती है पश्चिम एशिया की राजनीति, इस्राइल की चेतावनी

अमेरिका और ईरान के बीच, समझिए पूरा मामला 

ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर विवाद की बात करें तो अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम का उत्पादन बंद करे, क्योंकि उसे शक है कि इसका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में किया जा सकता है। दूसरी ओर ईरान का कहना है कि उसे शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम संवर्धन का अधिकार है। लेकिन वह मानता है कि उसकी अर्थव्यवस्था पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाने के लिए वह कुछ समझौते करने को तैयार है।

संबंधित वीडियो

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें