करीब एक महीने पहले ईरान ने अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया था। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने 20 जून को दावा किया था कि उसने अमेरिका के एक 'जासूस ड्रोन' को मार गिराया है। ईरानी सेना का दावा था कि अमेरिकी ड्रोन ने उसके वायुक्षेत्र का उल्लंघन करते हुए उसके क्षेत्र में प्रवेश किया था, जिसके बाद उसे मार गिराया गया।
इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात बनने लगे थे। इससे पहले अमेरिकी सेना ने जून में ही ईरान पर आरोप लगाया था कि उसने ओमान की खाड़ी में मौजूद तेल के टैंकरों को निशाना बनाया, जिसके बाद अमेरिका ने उस पर मिसाइल से हमला किया था।
अमेरिका और ईरान के बीच पिछले एक साल से तनावपूर्ण माहौल जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से एक साल पहले परमाणु समझौता वापस ले लिया था। ईरान ने हाल ही में कहा था कि वह कम समृद्ध यूरेनियम के उत्पादन को बढ़ाएगा और उसने हथियार-ग्रेड स्तर के करीब इसके संवर्धन को बढ़ावा देने की धमकी दी थी, जिससे कि यूरोप पर 2015 डील के लिए दबाव बनाया जा सके।