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Trump-Netanyahu Talks: ट्रंप ने नेतन्याहू को रोका, कहा- अब हमला नहीं, वरना टूट जाएगा इस्राइल-ईरान शांति समझौता

Mon, 08 Jun 2026 08:15 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

Israel Iran Conflict: ईरान के मिसाइल हमलों के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात कर जवाबी हमला न करने को कहा है। ट्रंप ने दावा किया कि इस्राइल और ईरान के बीच शांति समझौता बेहद करीब है और नया हमला पूरी डील बिगाड़ सकता है। आइए, विस्तार से जानते हैं ट्रंप ने और क्या कुछ कहा...
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ट्रंप-नेतन्याहू। - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच बड़ा बयान देकर पश्चिम एशिया की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। ट्रंप ने साफ कहा है कि वह इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात कर रहे हैं और उन्हें ईरान के मिसाइल हमलों के जवाब में पलटवार नहीं करने की सलाह दे रहे हैं। ट्रंप का कहना है कि अगर इस समय जवाबी हमला हुआ तो दोनों देशों के बीच बनने वाली संभावित शांति डील टूट सकती है। ऐसे समय में यह बयान आया है जब ईरान ने अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद पहली बार इस्राइल पर मिसाइल हमला किया है।
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क्या ट्रंप ने नेतन्याहू को सीधे चेतावनी दी?

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत हुई। ट्रंप ने कहा कि वह नेतन्याहू से कह रहे हैं कि अभी जवाबी हमला करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि “हम समझौते के बेहद करीब हैं। सोमवार, मंगलवार या बुधवार तक डील हो सकती है। ऐसे समय में हमला हालात को और बिगाड़ देगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को अब बातचीत की मेज पर लौटना चाहिए। उन्होंने कहा, तुमने मिसाइल दाग दी, अब बस करो और समझौता करो।

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क्या हुआ था ईरान के मिसाइल हमले में?

ईरान ने सोमवार को उत्तरी इस्राइल की ओर मिसाइलें दागीं। अप्रैल में लागू युद्धविराम के बाद यह पहला बड़ा हमला माना जा रहा है। इस्राइली सेना ने बताया कि मिसाइलों की पहचान होते ही कई इलाकों में सायरन बजाए गए और एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए। लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया गया। हालांकि शुरुआती रिपोर्ट में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। इस्राइल की वायुसेना ने कहा कि कई मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया गया।

क्या इस्राइल पहले से हमले कर रहा था?

ईरान के हमले से एक दिन पहले इस्राइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दहिये इलाके में हमला किया था। इस्राइल का दावा था कि वहां हिजबुल्लाह का आतंकी ठिकाना मौजूद था। इसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। ट्रंप ने भी इस्राइल के उस हमले पर नाराजगी जताई और कहा कि वह इस कार्रवाई से खुश नहीं थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा कि अगर अब फिर हमला हुआ तो कई महीनों से चल रही शांति वार्ता पूरी तरह पटरी से उतर सकती है।

क्या शांति समझौते के करीब पहुंच चुके हैं दोनों देश?

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच बातचीत अंतिम दौर में है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने अपना गुस्सा दिखा दिया और अब आगे बढ़ने की जरूरत है। ट्रंप ने यहां तक कहा कि नेतन्याहू को आखिरकार वही मानना पड़ेगा जो अमेरिका तय करेगा। उन्होंने कहा कि आखिर फैसला अमेरिका ही करेगा। हालांकि नेतन्याहू की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने फिलहाल जवाबी कार्रवाई रोकने पर सहमति जैसी बात कही है।

क्या पश्चिम एशिया में फिर भड़क सकता है बड़ा युद्ध?

ईरान और इस्राइल के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। गाजा युद्ध और हिजबुल्लाह की गतिविधियों के बाद हालात और खराब हुए हैं। अब जबकि दोनों देशों के बीच सीधा मिसाइल हमला हुआ है, दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में युद्ध बढ़ेगा या बातचीत से समाधान निकलेगा। अमेरिका फिलहाल युद्ध रोकने और समझौते को आगे बढ़ाने की कोशिश में लगा हुआ है। लेकिन अगर फिर कोई हमला होता है तो पूरा पश्चिम एशिया एक बार फिर बड़े संघर्ष की आग में घिर सकता है।
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