राष्ट्रपति ट्रंप टैरिफ लगाने के बाद अपने ही देश में घिरते जा रहे हैं और उनके खिलाफ बड़ी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अब ट्रंप ने विभिन्न देशों पर टैरिफ लगाने के अपने फैसले का बचाव किया है और कहा है कि व्यापार घाटे से निपटने का यही तरीका है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दुनिया के विभिन्न देशों पर भारी-भरकम टैरिफ लगाए जाने के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी आने की आशंका है। साथ ही अमेरिका में भी इससे महंगाई बढ़ने की बात कही जा रही है। अब राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने फैसले का बचाव किया है और कहा है कि चीन और यूरोपीय संघ के साथ अमेरिका का जो व्यापार घाटा है, वो टैरिफ लगाने से ही सही हो सकता है।
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ट्रंप बोले- टैरिफ बहुत अच्छी चीज है
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'हमारा चीन और यूरोपीय संघ के साथ बहुत ज्यादा व्यापार घाटा है और इस समस्या को हल करने का सिर्फ एक ही तरीका है और वो है टैरिफ। इसकी वजह से अमेरिका को अरबों डॉलर मिलेंगे और वे लागू हो चुके हैं।' पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने कहा कि 'थके हुए जो बाइडन के राष्ट्रपति कार्यकाल में इन देशों के साथ व्यापार घाटा बढ़ा है। अब हम इसे बदलने जा रहे हैं और तेजी से इसमें बदलाव करेंगे। एक दिन लोगों को अहसास होगा कि अमेरिका के लिए टैरिफ बहुत अच्छी चीज हैं।'
चीन और यूरोपीय संघ के साथ कितना है अमेरिका का व्यापार घाटा
अमेरिका के ट्रेड रिप्रजेंटेटिव्स के आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 में अमेरिका और चीन का द्विपक्षीय व्यापार 582 अरब डॉलर रहा। इनमें से अमेरिका ने चीन को 143 अरब डॉलर का निर्यात किया। वहीं चीन से 438 अरब डॉलर का सामान आयात किया। इस तरह अमेरिका को चीन के साथ व्यापार में 295 अरब डॉलर का घाटा हुआ। इसी तरह यूरोपीय संघ के साथ अमेरिका का साल 2024 में कुल व्यापार 975 अरब डॉलर था। इनमें से अमेरिका ने यूरोपीय संघ को 370 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया। वहीं यूरोपीय संघ ने अमेरिका को 605 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया। इस तरह अमेरिका को यूरोपीय संघ के साथ व्यापार में कुल 235 अरब डॉलर का नुकसान हुआ।