अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को दी जा रही सीक्रेट सर्विस सुरक्षा वापस लेने का आदेश दिया है। यह सुरक्षा उनके पद छोड़ने के बाद पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन ने चुपचाप एक साल के लिए बढ़ा दी थी। अमेरिकी कानून के अनुसार, किसी भी उपराष्ट्रपति को पद छोड़ने के बाद केवल छह महीने तक सीक्रेट सर्विस सुरक्षा मिलती है। लेकिन बाइडन प्रशासन ने हैरिस को यह सुविधा अतिरिक्त तौर पर जारी रखी थी।
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कानून में क्या है प्रावधान?
अमेरिकी कानून के मुताबिक किसी भी उपराष्ट्रपति को पद छोड़ने के बाद छह महीने तक सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा मिलती है। उसके बाद यह सुरक्षा स्वचालित रूप से समाप्त हो जाती है। लेकिन यदि राष्ट्रपति चाहे तो विशेष आदेश देकर सुरक्षा की अवधि बढ़ा सकता है। जो बाइडन ने इसी प्रावधान का इस्तेमाल करते हुए हैरिस को अतिरिक्त सुरक्षा दी थी।
ट्रंप ने क्या जारी किया आदेश?
अब राष्ट्रपति ट्रंप ने यह सुविधा तुरंत खत्म करने का फैसला किया है। व्हाइट हाउस से जारी आदेश के अनुसार, 1 सितंबर 2025 से हैरिस को सिर्फ वही सुरक्षा मिलेगी जो कानूनन आवश्यक है। यानी उन्हें कोई अतिरिक्त सुरक्षा कवरेज नहीं मिलेगा। ट्रंप ने यह आदेश 'मेमोरेंडम फॉर द सेकरेटरी ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी' नाम वाले एक आधिकारिक पत्र के जरिए जारी किया। इसमें लिखा गया है कि 'कानून में जो न्यूनतम सुरक्षा तय है, हैरिस को केवल वही दी जाए, अतिरिक्त सुविधा नहीं।'
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बढ़ सकती हैं कमला हैरिस की चुनौती
वहीं सुरक्षा हटने के बाद कमला हैरिस के कार्यक्रमों के दौरान संघीय एजेंट मौजूद नहीं होंगे, खतरे का आकलन और खास संचार निगरानी जैसी सुविधाएं भी समाप्त हो जाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक भीड़-भाड़ वाले आयोजनों में यह उनके लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
अमेरिका में सीक्रेट सर्विस की भूमिका
सीक्रेट सर्विस अमेरिका की वह विशेष एजेंसी है जो राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, उनके परिवार और अन्य महत्वपूर्ण नेताओं की सुरक्षा करती है। आमतौर पर राष्ट्रपति और उनके परिवार को जीवनभर सुरक्षा दी जाती है, लेकिन उपराष्ट्रपति को केवल छह महीने तक। कुछ विशेष मामलों में, जब खतरे का स्तर ज्यादा माना गया हो, राष्ट्रपति अपने विवेक से इस अवधि को बढ़ा सकते हैं।