अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में चुनावी रैली के दौरान पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले ने देश की सुरक्षा एजेंसियों की कार्यशाली व क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी है कि बंदूकधारी हमलावर थॉमस मैथ्यू क्रुक्स ट्रंप के इतना करीब कैसे पहुंचा। तेज तर्रार कानून प्रवर्तन एजेंसी सीक्रेट सर्विस के अधिकारी हमलावर की हिमाकत देख हैरत में हैं। हमले के बाद से ट्रंप समर्थक खासे गुस्से में हैं। वे सीक्रेट सर्विस को आड़ेहाथों ले रहे हैं। अरबपति कारोबारी व टेस्ला प्रमुख एलन मस्क ने तो एजेंसी नेतृत्व के इस्तीफे की मांग कर दी है।
ट्रंप विभाजनकारी, हमले की एक वजह यह भी : विशेषज्ञ
विदेश मामलों के विशेषज्ञ रोबिंदर सचदेव ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि ट्रंप बहुत विभाजनकारी शख्सियत हैं। ऐसी संभावना है कि ट्रंप की इन्हीं नीतियों से नफरत करने वाला हमलावर उन्हें मारना चाहता था। सचदेव ने कहा कि यह हमला ऐसे संवेदनशील वक्त में हुआ जब अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। कभी-कभी ऐसी घटनाएं होती हैं जहां शूटर या हत्यारे किसी अन्य उद्देश्य से आते हैं। लेकिन इस बात की भी समान संभावना है कि हमलावर ट्रंप की नीतियों से बेहद नाराज था।
तस्वीरों का विश्लेषण- स्टेज के करीब था हमलावर
समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने तस्वीरों का विश्लेषण किया है, जिसमें दिख रहा है कि हमलावर आश्चर्यजनक तरीके से स्टेज के करीब था, जहां से ट्रंप का संबोधित चल रहा था। सोशल मीडिया पर साझा एक वीडियो में भूरे रंग के कपड़े पहने एक व्यक्ति का शव बटलर फार्म शो ग्राउंड के ठीक उत्तर में एक विनिर्माण संयंत्र की छत पर दिखाई देता है। यह छत उस जगह से सिर्फ 150 मीटर दूर है, जहां ट्रंप रैली कर रहे थे।
सटीक निशाने के लिए एक से दूसरी छत पर जा रहा था हमलावर
ट्रंप की चुनावी रैली में मौजूद दो प्रत्यक्षदर्शियों ने हमलावर की हरकतों को देखने का दावा किया। सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, बेन मैकर ने कहा कि उसने थॉमस मैथ्यू क्रुक्स (20) को एक छत से दूसरी छत पर जाते देखा था। शायद वह ट्रंप पर गोली चलाने के लिए उपयुक्त स्थान की तलाश में था। उन्होंने कहा, जब मैं वापस अपनी जगह पर जाने के लिए मुड़ा, तो गोलियां चलने लगीं। इसके बाद चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। बटलर निवासी रयान नाइट ने भी कहा कि उसने संदिग्ध हमलावर को अमेरिकन ग्लास रिसर्च बिल्डिंग के ऊपर देखा था। उसके पास एक एम-16 राइफल व एक कंबल था। उसका निशाना राष्ट्रपति की ओर था। उसने गोली चलानी शुरू कर दी। चार-पांच गोलियां चलीं। तभी मैं नीचे कूद गया। मैंने ऊपर देखा कि सीक्रेट सर्विस के कर्मी की गोली हमलावर के सिर में लगी है।
हमले के लिए अर्ध-स्वचालित राइफल का किया इस्तेमाल
हमलावर थॉमस मैथ्यू क्रुक्स ने ट्रंप पर हमले के लिए एआर-15 राइफल का प्रयोग किया। यह सेना में प्रयुक्त होने वाले एम-16 असॉल्ट राइफल का अर्ध-स्वचालित नागरिक संस्करण है। सीक्रेट सर्विस की काउंटर स्नाइपर टीम व काउंटर असॉल्ट टीम के सदस्य रैली में मौजूद थे। न्हीं टीमों ने स्नाइपर को मार गिराया।
भारतवंशी बोले- यह हमला अमेरिकी लोकतंत्र में काला अध्याय
भारतवंशियों ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले की निंदा करते हुए इसे अमेरिकी लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय करार दिया। भारतवंशी समुदाय के नेता डॉ. भरत बरई ने कहा, पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप पर हमला बहुत दुखद है। लोकतंत्र में इस तरह की हिंसा की उम्मीद नहीं की जाती। लोगों के विचार अलग-अलग होते हैं। सिख अमेरिकन्स फॉर ट्रंप के अध्यक्ष जसदीप सिंह जस्सी ने कहा, हम पूर्व राष्ट्रपति की सुरक्षा व स्वस्थ होने की कामना करते हैं। वाहेगुरु जी ट्रंप और अमेरिका की रक्षा करें। राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रबल समर्थक अजय भूतोड़िया ने कहा, हमले के सभी पहलुओं व विवरणों की गहन जांच की जानी चाहिए। इस हमले के पीछे किसी विदेशी संगठन का हाथ तो नहीं है।