2024 में होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव के लिए पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी दावेदारी पेश करने के लिए प्रयासरत हैं। इस बीच न्यूयॉर्क की एक अदालत ने गुरुवार को फैसला सुनाया कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को न्यूयॉर्क राज्य की नागरिक जांच में शपथ के तहत सवालों के जवाब देने होंगे।
राज्य की निचली अदालत के चार-न्यायाधीशों की पीठ ने मैनहट्टन के न्यायाधीश आर्थर एंगोरोन के 17 फरवरी के फैसले को बरकरार रखा, जिसमें ट्रंप और उनके दो सबसे बड़े बच्चों के लिए अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स की जांच में गवाही देने के लिए सम्मन लागू किया गया था।
डोनाल्ड ट्रंप ने आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए अपील की थी। उनके वकीलों ने तर्क दिया कि ट्रंप को गवाही देने का आदेश देना उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है क्योंकि उनके जवाब समानांतर आपराधिक जांच में इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
चार न्यायाधीशों की पीठ ने पांचवें संशोधन का हवाला देते हुए लिखा कि एक आपराधिक जांच संबंधित तथ्यों के दीवानी उद्भेदन को रोकती नहीं है, जिस पर एक पक्ष आत्म-अभियोग के खिलाफ विशेषाधिकार का प्रयोग कर सकता है। ट्रंप इस फैसले के खिलाफ राज्य की सबसे बड़ी अदालत कोर्ट ऑफ अपील में याचिका दायर कर सकते हैं।
एक डेमोक्रेट जेम्स ने कहा है कि उनकी जांच से सबूत सामने आए हैं कि ट्रंप की कंपनी, ट्रंप ऑर्गनाइजेशन ने ऋण और कर लाभ प्राप्त करने के लिए गोल्फ कोर्स और गगनचुंबी इमारतों जैसी संपत्तियों के धोखाधड़ी या भ्रामक मूल्यांकन का इस्तेमाल किया।