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Donald Trump: 'वैश्विक तेल आपूर्ति को बंद नहीं होने देंगे', ईरान युद्ध पर ट्रंप बोले- हम निर्णायक जीत के करीब

Tue, 10 Mar 2026 03:49 AM IST
Himanshu Singh Chandel वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। उन्होंने कहा कि सैन्य अभियान में ईरान की नौसेना, ड्रोन और मिसाइल क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं ईरान में नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के समर्थन में सत्ता तंत्र की एकजुटता सामने आई है, जिससे संकेत मिलते हैं कि ईरान फिलहाल पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है।
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और इस्राइल इस युद्ध में निर्णायक बढ़त बना चुके हैं और उनका सैन्य अभियान अपने लक्ष्यों के करीब पहुंच चुका है। साथ ही उन्होंने दोहराया कि अमेरिका किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार बनाने नहीं देगा। हालांकि दूसरी ओर ईरान में नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के समर्थन में सत्ता तंत्र की एकजुटता यह संकेत दे रही है कि तेहरान फिलहाल पीछे हटने के मूड में नहीं है।

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ट्रंप ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के खिलाफ बेहद शक्तिशाली सैन्य अभियान चलाया है। उनके अनुसार इस कार्रवाई से ईरान की कई सैन्य क्षमताओं को बड़ा नुकसान हुआ है। ट्रंप ने यह भी कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल क्षमता को कमजोर करना है। हालांकि युद्ध के बीच ईरान के भीतर राजनीतिक और धार्मिक समूहों ने नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के समर्थन में प्रदर्शन कर यह संदेश दिया है कि देश दबाव में झुकने वाला नहीं है।

ट्रंप ने युद्ध को लेकर क्या दावा किया?
फ्लोरिडा के डोरल शहर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और इस्राइल ने दुनिया के सबसे जटिल और शक्तिशाली सैन्य अभियानों में से एक को अंजाम दिया है। उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई के दौरान ईरान की नौसेना को भारी नुकसान हुआ है और उसके कई सैन्य ठिकाने नष्ट कर दिए गए हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को तेजी से हासिल कर रहा है और युद्ध अपने निर्णायक चरण की ओर बढ़ रहा है।
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ईरान के पड़ोसी देशों का रुख क्यों बदला?
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान के हालिया हमलों के कारण उसके कई पड़ोसी देश अब अमेरिका के साथ खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआत में ये देश तटस्थ रहना चाहते थे, लेकिन ईरान द्वारा हमले किए जाने के बाद हालात बदल गए। ट्रंप के अनुसार सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर जैसे देशों ने अमेरिका का समर्थन किया है और ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उनके मुताबिक ईरान की रणनीति उलटी पड़ गई और क्षेत्रीय देशों का झुकाव अमेरिका की ओर बढ़ गया।



होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के करीब पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि ईरान और उसके समर्थित समूह इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर खतरा पैदा कर रहे थे। ट्रंप के अनुसार सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य इस मार्ग को सुरक्षित बनाना है ताकि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि जब यह खतरा खत्म हो जाएगा तो तेल की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिल सकती है।

मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व पर ट्रंप क्यों नाराज?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान में मोजतबा खामेनेई के नए सुप्रीम लीडर बनने पर भी निराशा जताई। ट्रंप ने कहा कि इस फैसले से ईरान की नीतियों में कोई बड़ा बदलाव आने की संभावना नहीं दिखती। उनके अनुसार मोजतबा खामेनेई अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की नीतियों को ही आगे बढ़ा सकते हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह फिलहाल नए ईरानी नेतृत्व को लेकर अपनी रणनीति सार्वजनिक नहीं करना चाहते।

ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता पर कितना असर पड़ा?
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी और इस्राइली हमलों में ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने कहा कि ईरान के कई ड्रोन निर्माण केंद्रों को निशाना बनाया गया है। ट्रंप के अनुसार ईरान की मिसाइल क्षमता अब लगभग दस प्रतिशत तक सिमट गई है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अब तक हजारों सैन्य ठिकानों को निशाना बना चुका है।
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ऑपरेशन मिडनाइट हैमर को लेकर क्या कहा गया?
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। उनके अनुसार यदि यह अभियान नहीं चलाया गया होता तो ईरान के पास परमाणु हथियार बनने की पूरी संभावना थी। ट्रंप ने कहा कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में एक बड़े खतरे को टाल दिया गया है।

नए सुप्रीम लीडर के समर्थन से क्या संकेत मिले?
ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुना गया है। उनके समर्थन में ईरान के कई धार्मिक और राजनीतिक गुट सामने आए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह संकेत है कि ईरान का सत्ता ढांचा अभी भी मजबूत है और देश युद्ध के दबाव में झुकने के लिए तैयार नहीं है।


 

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