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US Election 2020:  इंटरनेट सर्च में डोनाल्ड ट्रंप ने जो बिडेन को छोड़ा काफी पीछे

Tue, 03 Nov 2020 07:36 PM IST
मुकेश कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
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जोई बिडेन और डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : AMAR UJALA
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अमेरिका में मंगलवार को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हो रहे हैं। इस चुनावी जंग में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार और पूर्व उपराष्ट्रपति जो बिडेन चुनौती दे रहे हैं।दुनिया की सबसे बड़ी शक्तियों में शुमार अमेरिका की सत्ता किसके पास होगी, यह तो रिजल्ट के बाद ही पता चलेगा। 

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बता दें कि मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मतदान सर्वेक्षण में भले ही पीछे हों, लेकिन इंटरनेट सर्च में बिडेन से काफी आगे हैं। राष्ट्रपति चुनाव के पहले कई प्रमुख मतदान संगठनों ने अपने सर्वेक्षण में दावा किया है कि बिडेन ने अपने प्रतिद्वंदी ट्रंप के ऊपर आठ अंकों की बढ़त बनाई हुई है लेकिन गूगल सर्च डेटा के एक विश्लेषण में ये पता चला है कि लोगों कि ट्रंप में दिलचस्पी बढ़ती जा रही है।


अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के एक दिन पहले ट्रंप और बिडेन को गूगल पर खोजे जाने के बीच अंतर में बढ़त दर्ज की गई और इसमें दिखा कि जो बिडेन काफी पीछे रह गए हैं। औसतन 45 प्रतिशत इंटरनेट यूजर्स ने ट्रंप सर्च किया जबकि 23 ने बिडेन।
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गूगल पर ट्रंप की सबसे ज्यादा सर्च नेब्रास्का, वरमॉन्ट, एरिजोना, वॉशिंगटन और ओरेगान में किया गया जबकि इनमें से कुछ राज्यों को डेमोक्रेट्स समर्थक माना जाता है और ऐसे में एक रिपब्लिकन उम्मीदवार को सर्च किया जाना काफी रोचक बात है। डेलावेयर, टेक्सस, कॉलंबिया, ओहायो और आर्कन्सा में भी ट्रंप सर्च किए जाने के मामले में बिडेन से आगे हैं।

ट्रंप को सर्च किए जाने का एक कारण पैंसिलवेनिया में की गई उनकी रैली को भी बताया जा रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि 60 हजार से ज्यादा लोगों मौजूद थे. ये मामला इसलिए सर्च किया जा सकता है क्योंकि कोरोना के बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर अधिकारियों ने ऐसे किसी भी तरह के जमावड़े से बचने की चेतावनी दी थी, क्योंकि ऐसा करने पर कोरोना के मामले और बढ़ सकते हैं।

वहीं, दूसरा कारण ट्रंप की लिल वेन और अन्य रैपर्स से मुलाकात, वो भी ऐसे समय पर जब अमेरिका में नस्लीय हिंसा को लेकर प्रदर्शन हुए हैं। नस्लीय हिंसा इस चुनाव में एक अहम मुद्दा माना जा रहा है और ऐसे में रैपर्स का अमेरिकी राष्ट्रपति को सपोर्ट करना, लोगों के उनको सर्च करने की संभावनाओं को बढ़ा देता है।

अमेरिका में राष्ट्रपति का चयन सीधे जनता के वोट से नहीं किया जाता है। नेशनल पॉपुलर वोट के जरिए 538 सदस्यीय निर्वाचन प्रतिनिधियों के जरिए राष्ट्रपति का चयन होता है। इसमें हर उम्मीदवार को जीतने के लिए 270 का बहुमत चाहिए होता है। प्रत्येक राज्य को अलग-अलग संख्या में निर्वाचक मंडल मत आवंटित हैं जो इस आधार पर तय किए गए हैं कि प्रतिनिधि सभा में उसके कितने सदस्य हैं। इसमें दो सीनेटर भी जोड़े जाते हैं।

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