अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों के निचले हिस्से में सूजन और हाथों पर चोट के निशान पाए गए हैं। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। ट्रंप के मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए लेविट ने मीडिया को बताया कि ट्रंप की जांच और उनके पैरों का अल्ट्रासाउंड कराया गया है। इसमें क्रोनिक वेनस इनसफीशिएंसी (Chronic Venous Insufficiency) का पता चला है। यह स्थिति 70 साल से अधिक उम्र के लोगों में पाई जाती है। लेविट ने बताया कि ट्रंप की हृदय गति, किडनी की स्थिति की जांच भी कराई गई। प्रणालीगत बीमारी (systemic illness) के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं।
नसों में खून के प्रवाह से जुड़ी है समस्या
क्रोनिक वेनस इनसफीशिएंसी तब होती है जब पैरों की नसों में स्थित छोटी-छोटी वाल्व (valves) सही तरह से कार्य करना बंद कर देती हैं। इससे खून का प्रवाह ऊपर की ओर सही से नहीं हो पाता और वह नसों में जमा होने लगता है। लेविट ने बताया कि डॉक्टरों ने इसे सामान्य बताया है। आमतौर पर ये स्थिति गंभीर नहीं होती, लेकिन समय पर देखभाल महत्वपूर्ण होता है।
हाथ के पिछले हिस्से पर मामूली चोट के निशान, एहतियात बरत रहे...
ट्रंप की सेहत को लेकर लेविट ने कहा, राष्ट्रपति की हालिया तस्वीरों में उनके हाथ के पिछले हिस्से पर मामूली चोट के निशान भी पाए गए हैं। फिलहाल अमेरिकी राष्ट्रपति स्वास्थ्य संबंधी सभी एहतियात बरत रहे हैं। घबराने की बात नहीं है। लेविट ने स्पष्ट किया कि वर्तमान स्थिति में ट्रंप को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है। राष्ट्रपति की सेहत ठीक है। वे अब भी पूरी तरह स्वस्थ हैं। आप उन्हें रोज़ सक्रिय देख सकते हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने ट्रंप के इलाज को लेकर विवरण या तरीके साझा नहीं किए। उन्होंने ट्रंप के डॉक्टर की एक चिट्ठी सार्वजनिक की। इसमें भी वही जानकारी दोहराई गई। कोई अतिरिक्त विवरण सामने नहीं आया है।
ट्रंप नियमित रूप से एस्पिरिन लेते हैं, दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा कम होता है
बता दें कि ट्रंप के हाथ की पीठ पर दिखाई दे रही हल्की नीली चोटों (bruising) को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही थी, जो मेकअप से ढकी हुई नजर आईं। इस पर लेविट ने स्पष्ट किया कि यह चोटें ट्रंप के अक्सर हाथ मिलाने और एस्पिरिन के सेवन के कारण हुई जलन के कारण हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप नियमित रूप से एस्पिरिन लेते हैं, जो दिल के दौरे और स्ट्रोक के खतरे को कम करता है।
अप्रैल की जांच में क्रॉनिक वेनस इंसफिशिएंसी का उल्लेख नहीं
प्रेस सचिव ने कहा, ट्रंप की सेहत को लेकर हो रही कयासबाजी को दूर करने के लिए यह जानकारी साझा की गई है। हालांकि ट्रंप ने अतीत में अपने स्वास्थ्य की जानकारी को काफी गोपनीय रखा है। इसी साल अप्रैल में उनका नियमित शारीरिक परीक्षण हुआ था। इसमें दर्जनों विशेषज्ञ शामिल थे, लेकिन तब क्रॉनिक वेनस इंसफिशिएंसी का कोई उल्लेख सामने नहीं आया था। उस रिपोर्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति के शरीर में रक्त संचार और जोड़ों की स्थिति को सामान्य बताया गया था।
ट्रंप की सेहत को लेकर 'अत्यधिक सतर्कता'; इसलिए पैरों और रक्त प्रवाह की विस्तृत जांच हुई
लेविट ने यह नहीं बताया कि ट्रंप ने पहली बार सूजन कब महसूस की। हालांकि, उन्होंने कहा कि 'अत्यधिक सतर्कता' के तौर पर उनके पैरों और रक्त प्रवाह का विस्तृत परीक्षण कराया गया। इसमें वेस्कुलर, अल्ट्रासाउंड और अन्य स्कैन भी शामिल थे। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि चिकित्सकीय जांच के दौरान गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं- जैसे डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (deep vein thrombosis) या धमनीय रोग (arterial disease) के कोई संकेत नहीं मिले हैं। यह राहत की बात है क्योंकि इस आयु में डीप वेन थ्रॉम्बोसिस जानलेवा हो सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति को डीप वेन थ्रॉम्बोसिस जैसी स्वास्थ्य समस्या नहीं
थ्रॉम्बोसिस का उपचार करने वाले डॉक्टर आम तौर पर वजन कम करने, टहलने, पैरों को समय-समय पर ऊपर उठाने और कुछ मामलों में कम्प्रेशन स्टॉकिंग्स (compression stockings) पहनने की सलाह भी देते हैं। पीड़ित की स्थिति अधिक गंभीर होने पर पैरों में अल्सर या घाव जैसी जटिलताएं हो सकती हैं।