अमेरिका के इतिहास में डोनाल्ड ट्रंप दशकों में सबसे खतरनाक बीमारी के शिकार होने वाले राष्ट्रपति बन गए हैं। सीएनएन के मुताबिक 74 वर्ष की उम्र के कारण ट्रंप कोरोना संक्रमण के अधिक खतरे वाली श्रेणी में आते हैं। उन्हें महामारी से स्वास्थ्य की गंभीर जटिलताओं का खतरा है।
मीडिया रिपोर्ट में यहां तक कहा गया कि ट्रंप का संक्रमित होना अमेरिका के पहले से खराब चल रहे राजनीतिक माहौल में और अस्थिरता ला सकता है। साथ ही स्टॉक मार्केट में गिरावट से वित्तीय गतिविधियां भी प्रभावित होंगे और शेयरधारकों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उप राष्ट्रपति माइक पेंस ने कहा, लाखों अमेरिकी ट्रंप और उनकी पत्नी के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। मैं भी दुआ करता हूं। इस बीच ट्रंप के चुनाव अभियान को भी झटका लगा है। व्हाइट हाउस के बाहर ट्रंप के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं हालांकि क्वारंटीन रहते हुए घर से वे अपना अभियान जार रख सकते हैं।
क्वारंटीन खत्म होते ही बिडेन से दूसरी बहस
ट्रंप की क्वारंटीन अवधि खत्म होने के ठीक बाद 15 अक्तूबर को बिडेन के साथ दूसरी बहस होनी है। तीन नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव के मद्देनजर ट्रंप और डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बिडन के बीच पहली बहस मंगलवार को हुई है। तीसरी और अंतिम बहस 22 अक्तूबर को होनी है।
व्हाइट हाउस के कई कर्मचारी हो चुके संक्रमित
बीते कुछ महीनों में व्हाइट हाउस के अब तक कई कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं। इनमें एनएसए रॉबर्ट ओ ब्रायन और माइक पेंस की प्रेस सचिव कैटी मिलर भी शामिल हैं।
उम्र और वजन हो सकते हैं ट्रंप के लिए घातक
अमेरिकी राष्ट्रपति की 74 वर्ष की उम्र और 110 किलो (244 पाउंड) वजन उनके लिए घातक हो सकता है। अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के मुताबिक, 18 से 29 साल की उम्र के लोगों की तुलना में 65 से 74 साल की उम्र के लोगों में अस्पताल में भर्ती होने की आशंका पांच गुना ज्यादा है और जान जाने का खतरा 90 गुना अधिक है।
अब तक ये राष्ट्राध्यक्ष आए चपेट में
दुनिया के कई राष्ट्राध्यक्ष अब तक कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। इनमें ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो, ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन, मोनैको के प्रिंस अल्बर्ट, होंन्ड्रास के राष्ट्रपति जुआन ऑरलंडो हेरांदेज, ग्वाटेमाला के राष्ट्रपति एलेजेंड्रो गिमाटी, बोलविया के अंतरिक राष्ट्रपति जिनेन एनेज, डोमिकन रिपब्लिक के राष्ट्रपति लुईस अबिनादर और ईरान के राष्ट्रपति मासूमेह इब्तेकार, उप राष्ट्रपति इशाक जहांगिरी समेत कई मंत्री संक्रमित हुए थे।