लाइव कंसर्ट्स के टिकटों की कालाबाजारी एक बड़ी समस्या बनकर उभरी है, जिसमें टिकटों की कीमत से कई गुना कीमत लोगों से वसूली जाती है। अब ट्रंप प्रशासन ने इस पर लगाम लगाने के लिए एक कार्यकारी आदेश जारी किया है।
सोमवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लाइव कंसर्ट के टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने मशहूर कलाकार किड रॉक की मौजूदगी में ये हस्ताक्षर किए। इस दौरान ट्रंप ने कहा कि उनके इस आदेश से टिकटों की कालाबाजारी पर रोक लगेगी और लाइव कंसर्ट के टिकटों की कीमतें वाजिब होंगी।
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बिचौलियों पर कसेगी लगाम
यह आदेश बिचौलियों द्वारा टिकटों की ज्यादा कीमत बढ़ाने से रोकेगा। इस आदेश में अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट को निर्देश दिया गया है कि वे टिकट पर अंकित मूल्य से ज्यादा कीमत पर टिकट बेचने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि इससे टिकट बाजार में संवेदनशीलता और व्यवस्था बहाल होगी। साथ ही इस कार्यकारी आदेश में संघीय व्यापार आयोग को आदेश दिया गया है कि वे लाइव कंसर्ट्स की टिकट खरीद की प्रक्रिया में हर स्तर पर पार्दर्शिता लेकर आएं और गैर प्रतिस्पर्धी और अपारदर्शी आचरण के खिलाफ कार्रवाई करें।
कैसे होती है टिकटों की कालाबाजारी
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि कंसर्ट्स के टिकटों की कीमत दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। किड रॉक ने भी नए कार्यकारी आदेश का स्वागत किया और कहा कि आप एक कंसर्ट का टिकट 100 डॉलर में खरीद सकते हैं, लेकिन जब थोड़ी देर बाद आप फिर से चेक करते हैं तो उसी कंसर्ट के टिकटों की कीमत 170 डॉलर पहुंच जाती है। हमें नहीं पता कि ये कीमत कैसे और क्यों बढ़ गई। लोग कंसर्ट के टिकट एकमुश्त खरीद लेते हैं और फिर उन्हें 400-500 गुना कीमत बढ़ाकर फिर से बेचकर मुनाफा कमाते हैं।
व्हाइट हाउस का कहना है कि अमेरिका में लाइव कंसर्ट और मनोरंजन उद्योग करीब 132 अरब डॉलर का है और इसमें करीब 9,13,000 लोग नौकरी करते हैं। बिचौलिए टिकटों की जो कालाबाजारी करते हैं, उससे कलाकारों और मनोरंजन उद्योग में काम कर रहे लोगों को कोई फायदा नहीं होता। ट्रंप प्रशासन ने छह महीने बाद इस मामले में रिपोर्ट पेश करने का भी आदेश दिया है।