इस्राइल-ईरान तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, अब हमारा ईरान के आसमान पर पूरी तरह नियंत्रण है। उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब इस तरह की अटकलें तेज हुई हैं कि क्या अमेरिका ईरान पर इस्राइल के हमलों में शामिल होगा या नहीं?
'ईरान के आसमान पर अमेरिका का पूर्ण नियंत्रण'
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, अब हमारे पास ईरान के आसमान पर पूर्ण और पूरी तरह नियंत्रण है। उन्होंने अमेरिका में बने हथियारों की तारीफ की, हालांकि उन्होंने इस्राइल का सीधे तौर पर जिक्र नहीं किया। उन्होंने लिखा, कोई भी यह काम हमसे बेहतर नहीं करता – पुराने और भरोसेमंद अमेरिका से अच्छा कोई नहीं।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामनेई
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आत्मसमर्पण करे ईरान: ट्रंप का आग्रह
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि अमेरिका जानता है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई कहां छिपे हुए हैं। लेकिन हम उन्हें मारना नहीं चाहते हैं। उन्होंने ईरान से अब बिना शर्त आत्मसमर्पण करने का आग्रह किया। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट में ईरान से 'बिना शर्त आत्मसमर्पण' करने का अनुरोध किया, क्योंकि पांच दिनों से चल रहा इस्राइल-ईरान संघर्ष बढ़ता ही जा रहा है।
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इस्राइल-ईरान तनाव
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इस्राइली हमले में ईरानी सेना प्रमुख की मौत, ईरान ने मोसाद मुख्यालय को बनाया निशाना
इस्राइल और ईरान के बीच लगातार पांच दिनों से संघर्ष जारी है। मंगलवार को भी दोनों देशों ने एक-दूसरे के बड़े शहरों पर मिसाइलें दागी। इस्राइल ने ईरान के नवनियुक्त सेना प्रमुख अल शादनामी को भी मार गिराने का दावा किया है। वहीं ईरान ने कहा है कि उसने इस्राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद और सैन्य गुप्तचर एजेंसी के मुख्यालय पर मिसाइलें दागी हैं। दोनों देशों में संघर्ष बढ़ने के संकेत के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कनाडा में जी-7 की बैठक से जल्दी लौट गए हैं। जाते-जाते उन्होंने कहा कि वह ईरान और इस्राइल के बीच संघर्ष विराम नहीं, बल्कि समस्या का असली समाधान चाहते हैं।
इस्राइली सेना के एक अधिकारी ने कहा कि इस्राइल ने ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों से जुड़े दर्जनों ठिकानों पर रात भर हमला किया और ईरान के सैन्य नेतृत्व को भागने पर मजबूर कर दिया। तेहरान पर हमला कर ईरान के सेना प्रमुख जनरल शादनामी को मार गिराया है। हालांकि, ईरान ने शादनामी के मारे जाने पर कोई टिप्पणी नहीं की है, जिन्हें हाल ही में अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के तहत आने वाले खतम अल-अनबिया के केंद्रीय मुख्यालय का प्रमुख नियुक्त किया गया था। ईरान ने रिवोल्यूशनरी गार्ड और नियमित सशस्त्र बलों के शीर्ष अधिकारियों की जगह अन्य जनरलों को नियुक्त किया है।
वहीं, ईरानी मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस्राइली खुफिया क्षमताओं को कमजोर करने के लिए ईरान ने तेल अवीव में मोसाद और अमान के मुख्यालय को निशाना बनाया है। ईरानी मिसाइल हमलों का मुख्य निशाना ग्लीलोट में अमान के लॉजिस्टिक सेंटर था। यहीं से इस्राइल की सैन्य खुफिया गतिविधियों का संचालन होता है। हमले के बाद सेंटर में आग लग गई, मीडिया में इसका एक वीडियो भी जारी किया गया है। एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मिसाइल हमलों में मोसाद का मुख्यालय और यूनिट 8200 के कुछ गुप्त बैकअप ठिकानों को भी तबाह कर दिया गया। यूनिट 8200 इस्राइल की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और खुफिया इकाई है जो साइबर युद्ध और डाटा इंटेलिजेंस में विशेषज्ञ मानी जाती है। इस्राइली सेना ने इन हमलों को मामूली बताया है।
डोनाल्ड ट्रंप
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ईरान के परमाणु हथियारों का अंत चाहते हैं : ट्रंप
इससे पहले, कनाडा से रवाना होने के बाद ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि वह संघर्ष विराम नहीं, बल्कि ईरान के परमाणु हथियारों का अंत चाहते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि वह ईरानी अधिकारियों से मिलने के लिए मध्य पूर्व के लिए अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ या उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को भेज सकते हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि इस्राइल ईरान पर हमले कम नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान परमाणु बम बनाने के करीब है। लेकिन सीधी सी बात है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सकता है। उसके पास परमाणु बम नहीं हो सकता। उसे इस मुद्दे पर सरेंडर करना ही होगा, उससे कम कुछ नहीं हो सकता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि सभी को तुरंत तेहरान खाली कर देना चाहिए।
निशाने पर फोर्डो परमाणु केंद्र
इस्राइली सेना के एक अधिकारी ने कहा कि इस्राइली वायुसेना ने ईरान के भूमिगत फोर्डो परमाणु संयंत्र को अभी निशाना नहीं बनाया है, लेकिन कभी भी उसे निशाना बनाया जा सकता है। अधिकारी ने कहा कि इस्राइल परमाणु आपदा से बचने के लिए सावधानी बरत रहा है। हालांकि, फोर्डो परमाणु संयंत्र को नष्ट करना इस्राइल के लिए आसान भी नहीं है क्योंकि यह जमीन के नीचे बहुत गहराई में है। इसे खत्म करने के लिए कम से कम 30,000 पाउंड (14,000 किलोग्राम) का बंकर बम चाहिए, जो सिर्फ अमेरिका के पास है। इस बम को अमेरिकी बी-2 स्टील्थ बमबर्षक से ही गिराया जा सकता है।
रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज
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सद्दाम जैसा होगा खामनेई का हश्र
ईरान के कई शीर्ष सैन्य कमांडरों और परमाणु वैज्ञानिकों को मार डालने के बाद इस्राइल ने अब सीधे उसके सुप्रीम नेता अयातुल्ला अली खामनेई को धमकी दे दी है। इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने मंगलवार को कहा कि खामनेई का हश्र इराक के पूर्व तानाशाह सद्दाम हुसैन की तरह हो सकता है। काट्ज ने कहा, याद रखिए कि ईरान के पड़ोसी देश के तानाशाह के साथ क्या हुआ था जो इस्राइल के खिलाफ था। काट्ज का बयान ऐसे समय आया है जब ऐसी आई थीं कि इस्राइल खामनेई की हत्या करने वाला था लेकिन अमेरिका ने उसे ऐसा करने से रोक दिया था।
जी-7 शिखर सम्मेलन में कनाडाई पीएम कार्नी व अन्य देशों के नेता
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जी-7 के नेताओं ने इस्राइल का समर्थन किया
कनाडा के कनानस्किस में जी-7 की बैठक में समूह के नेताओं ने एक संयुक्त बयान में पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा है कि इस्राइल को अपनी रक्षा करने का अधिकार है। नेताओं ने कहा कि हम इस्राइल की सुरक्षा के लिए अपना समर्थन दोहराते हैं। बयान में इस्राइल और ईरान के बीच लड़ाई कम करने का आह्वान किया गया है और इस बात भी जोर दिया गया कि ईरान को परमाणु बम रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
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