अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना पद छोड़ने से पहले कुल 143 लोगों को क्षमादान दिलवाया। इनमें उनके समधी, भ्रष्ट राजनेता, रक्षा सौदों के दलाल और उनके पूर्व रणनीतिकार व सहयोगी शामिल हैं। उनके इस कदम को शक्ति का दुरुपयोग बताया जा रहा है, लेकिन ट्रंप ने आलोचनाओं पर ध्यान न देते हुए बुधवार दोपहर से पहले व्हाइट हाउस खाली कर दिया।
माफी पाने वाले 143 लोगों में से 73 की सजा पूरी माफ की गई है, जबकि बाकियों को सजा घटाने के रूप में माफी मिली है। इनमें कई प्रमुख अपराधों के दोषसिद्ध अभियुक्त हैं, जो ट्रंप के करीबी भी समझे जाते हैं।
माफी पाने वाले कुछ नाम
- 71 साल के पॉल मानाफोर्ट अमेरिकी लॉबिस्ट व वकील थे, जिन्हें 2018 में टैक्स चोरी के आठ मामले साबित होने पर करीब 12 साल के लिए जेल भेजा गया था। उन्हें पूरी माफी मिली।
- 66 साल के चार्ल्स कुशनर ट्रंप के समधी हैं, टैक्स चोरी के आरोप में दो साल जेल की सजा और तीन राज्यों में आने पर रोक की सजा मिली। उन्हें भी सरकार से माफी दिलवा दी।
- 68 साल के रोजर स्टोन पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन से लेकर जार्ज बुश और ट्रंप तक के रणनीतिकार रहे थे, उन पर विकिलीक्स की पहले से जानकारी होने के आरोप लगे। साक्ष्य छिपाने के आरोप में रोजर को जेल हुई थी, उन्हें भी पूरा क्षमादान मिला।
- ट्रंप द्वारा प्रस्तावित सीमा की दीवार के समर्थकों से जुटाए धन का दुरुपयोग करने पर सजा काट रहे स्टीव बेनन को भी रिहाई मिली है।
नई पार्टी बनाने पर कर रहे विचार
पद छोड़ने के बाद ट्रंप नई राजनीति पार्टी बनाने पर विचार कर रहे हैं। उनके करीबियों के अनुसार, इसका नाम पैट्रियट पार्टी या मोटो ‘अमेरिका फर्स्ट’ हो सकता है। कैपिटल इमारत हिंसा के बाद उनकी रिपब्लिकन पार्टी के ही सदस्यों ने उनकी आलोचना की थी। इस पर ट्रंप नाराज हैं। आमतौर पर द्वि-दलीय व्यवस्था वाली अमेरिकी राजनीति में दो से अधिक दलों पर कोई रोक नहीं है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी खड़ा करना मुश्किल काम है। अगर ट्रंप पैट्रियट पार्टी बनाते हैं तो यह उनकी मौजूदा रिपब्लिक पार्टी के लिए ही वोट कटवा साबित होगी।
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