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'खत्म की ईरान की परमाणु क्षमता': ट्रंप का दावा, कहा- होर्मुज से बढ़ी तेल सप्लाई; सऊदी को लेकर किया क्या फैसला?

Mon, 26 Oct 2026 07:37 AM IST
देवेश त्रिपाठी एएनआई, वॉशिंगटन/रियाद

सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य हमलों ने उसकी परमाणु क्षमता को पूरी तरह नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि परमाणु हथियारों के संभावित इस्तेमाल को रोकने के लिए पहले कार्रवाई जरूरी थी।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए दावा किया है कि अमेरिकी हमलों ने ईरान की परमाणु क्षमता को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति देना गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। ट्रंप के मुताबिक, संभावित परमाणु संघर्ष को रोकने के लिए पहले ही कार्रवाई करना जरूरी था।
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मिशिगन में रैली से पहले ट्रंप ने कहा, "आप समस्याएं देखना चाहते हैं? आप सिर्फ ऊर्जा से जुड़ी समस्याएं नहीं, बल्कि मौत से जुड़ी समस्याएं भी देखना चाहते हैं? उन्हें परमाणु हथियार रखने दीजिए, क्योंकि वे उसका इस्तेमाल करेंगे। मुझे पहले ही यह कार्रवाई करनी थी। जब मैंने यह किया, तब मुझे पता था कि हमने उनकी परमाणु क्षमता को बुरी तरह तबाह कर दिया है। आप जानते हैं, यह नुकसान किसी की भी कल्पना से कहीं ज्यादा था। वह खत्म हो चुकी है।"

होर्मुज से तेल परिवहन को लेकर भी किया दावा
वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव की आशंकाओं के बीच ट्रंप ने दावा किया कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से अब युद्ध से पहले के मुकाबले अधिक तेल का परिवहन हो रहा है। उन्होंने इसका श्रेय अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी और सैन्य अभियानों को दिया।
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ट्रंप ने कहा, "मुझे पता था कि इससे कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी होगी। अब अगर आप देखें, तो कल वॉल स्ट्रीट जर्नल के पहले पन्ने पर था कि होर्मुज जलडमरूमध्य से निकलने वाला तेल अब युद्ध से पहले के स्तर से भी आगे निकल गया है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि हमने नाकेबंदी की है और हमारी सेना, खासकर हमारी नौसेना ने शानदार काम किया है।" उन्होंने आगे कहा, "हमने समुद्री नाकेबंदी कर रखी है और इस समय होर्मुज से युद्ध शुरू होने से पहले के मुकाबले ज्यादा तेल निकल रहा है।"

ईरान ने कहा- युद्ध हो या न हो, नीतियां नहीं बदलेंगी
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि भविष्य में युद्ध होता है या नहीं, इससे ईरान की नीतियों पर असर नहीं पड़ेगा। ईरानी समाचार एजेंसी आईएसएनए के मुताबिक, उन्होंने चेतावनी दी कि तेहरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई करना तर्कहीन होगा। अराघची ने कहा, "आज फिर युद्ध की बातें हो रही हैं, लेकिन अब से मैं युद्ध के बारे में सोच रहा हूं। युद्ध हो या न हो, हमारी नीतियां अपनी जगह बनी रहेंगी।"

अमेरिकी सरकार के किन कर्मचारियों को सऊदी अरब छोड़ने का आदेश? 
सऊदी अरब में मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद अमेरिका ने अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके पात्र परिवार के सदस्यों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने इसकी जानकारी दी। अमेरिकी विदेश विभाग ने यह फैसला नागरिक हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों से पैदा हुए सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए लिया है।

यह घोषणा ऐसे समय हुई, जब हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि संगठन ने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अलावा ऊर्जा प्रतिष्ठानों, तेल रिफाइनरियों और सऊदी अरब के कई अन्य विमानन तथा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। सऊदी अरब में अमेरिकी मिशन ने एक्स पर जारी सुरक्षा अलर्ट में चेतावनी दी कि सीमा पार से हो रही शत्रुतापूर्ण गतिविधियों के कारण क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है।
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