अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर से कहा कि ईरान समझौता के लिए तैयार बैठा है। उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष के साथ आठ युद्धों को रोकने का दावा फिर से दोहराया। उन्होंने कहा कि कई देशों ने उन्हें नोबेल पुरस्कार देने के लिए समिति को पत्र लिखा है।
पश्चिम एशिया संकट पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि ईरान समझौते के लिए बेताब है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अमेरिका-इस्राइल के युद्ध को लेकर कहा कि सैन्य अभियान के बावजूद, मैं इसे जंग नहीं कहता हूं। उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना, वायु सेना और लगभग हर तरह का हथियार नष्ट हो चुका है।
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अमेरिका राष्ट्रपति ने दावा करते हुए कहा, ''ईरान के ड्रोन कारखाने लगभग 82% ठप हो चुके हैं। वे समझौता करना चाहते हैं। हमने उनकी परमाणु क्षमता को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। इसलिए उन्हें परमाणु बम नहीं मिला।''
ईरानी शासन ने 42 हजार लोगों को मार डाला : ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए मोजतबा खामेनेई के शासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "ईरानी शासन ने 42,000 लोगों को मार डाला। मैं किसी न किसी तरह से उस देश को बचाने की कोशिश कर रहा हूं। यह एक क्रूर समूह है, लेकिन हमने उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। उनकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है, इसलिए हम देखेंगे कि वे कब तक टिक पाते हैं।"
भारत-PAK संघर्ष पर फिर अलापा पुराना राग
अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर से भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष रुकवाने के अपने दावे को दोहराया। उन्होंने कहा, "मैंने आठ युद्धों का निपटारा किया। लगभग हर मामले में उन्होंने मुझे धन्यवाद पत्र भेजे और नोबेल समिति को भी पत्र लिखे। भारत के मामले में, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा- मैंने तीन से पांच करोड़ लोगों की जान बचाई। लेकिन यह संख्या इससे भी अधिक हो सकती थी।"
ट्रंप ने बदला होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम
उन्होंने कहा, "दो परमाणु शक्ति संपन्न देश आपस में लड़ रहे थे। 11 विमानों को मार गिराया गया। मैंने इसे टैरिफ लगाकर सुलझाया। मैंने कहा, अगर आप लड़ते रहे तो मैं आप पर टैरिफ लगाऊंगा।" गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम बदल दिया है। उन्होंने इसका नाम बदलकर अपने नाम पर करते हुए इसे ट्रंप जलडमरूमध्य बताया है।