फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US: कभी मेल बैलेट के विरोधी रहे ट्रंप ने खुद इसी से किया मतदान, फ्लोरिडा चुनाव में रिपब्लिकन प्रत्याशी को मात

Wed, 25 Mar 2026 08:33 AM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा चुनाव में खुद मेल से वोट डाला है, जबकि वे इस व्यवस्था को धोखाधड़ी बताकर इसे खत्म करने की मांग कर रहे हैं। विपक्षी नेताओं ने इसे ट्रंप का दोहरा व्यवहार कहा है। वहीं, ट्रंप समर्थित उम्मीदवार इस चुनाव में हार गए हैं।
विज्ञापन
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर फ्लोरिडा में मेल बैलेट के जरिए अपना वोट डाला है। जबकि वे सार्वजनिक रूप से इस मतदान तरीके को धोखाधड़ी का जरिया बताते हैं और कांग्रेस से इसे सीमित करने की मांग कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ उन्होंने खुद इसी तरीके का इस्तेमाल किया। पाम बीच काउंटी के रिकॉर्ड से पता चला है कि राष्ट्रपति ने मंगलवार को राज्य विधानसभा सीटों के लिए हुए विशेष चुनाव में मेल से वोट दिया और उनके वोट की गिनती भी हो गई है। ट्रंप के समर्थन के बावजूद उनके रिपब्लिकन उम्मीदवार यहां से चुनाव हार गए है। यहां डेमोक्रेट की एमिली ग्रेगरी ने जीत हासिल की है।
विज्ञापन


व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने इस पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि ट्रंप 'यूनिवर्सल मेल-इन वोटिंग' के खिलाफ हैं, न कि उन व्यक्तिगत मामलों के जहां मतदाता को इसकी जरूरत होती है। वेल्स के अनुसार, ट्रंप जिस 'सेव अमेरिका एक्ट' का समर्थन करते हैं, उसमें बीमारी, विकलांगता, सेना या यात्रा जैसी स्थितियों में मेल से वोट देने की छूट दी गई है। उन्होंने कहा यूनिवर्सल मेल-इन वोटिंग की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि इसमें धोखाधड़ी की बहुत ज्यादा गुंजाइश होती है। उन्होंने कहा कि ट्रंप फ्लोरिडा के निवासी हैं लेकिन वे वाशिंगटन में रहते हैं, इसलिए उनका मेल से वोट देना कोई बड़ी बात नहीं है।

ये भी पढ़ें: West Asia Tension: होर्मुज पर ईरान का बड़ा फैसला, गैर-दुश्मन जहाजों को मिलेगी अनुमति; बस करना होगा ये काम
विज्ञापन


इसके बावजूद, ट्रंप ने पिछले हफ्त मेल-इन वोटिंग को धोखाधड़ी और बेहद भ्रष्ट बताया था। वे कांग्रेस से 'सेव एक्ट' पास करने का आग्रह कर रहे हैं ताकि मेल मतदान के विकल्पों को बहुत सीमित किया जा सके। हालांकि, ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन की 2025 की एक रिपोर्ट के अनुसार, मेल मतदान में धोखाधड़ी के मामले न के बराबर हैं। रिपोर्ट बताती है कि हर एक करोड़ वोटों में से सिर्फ चार मामलों में ही गड़बड़ी पाई गई है।

सीनेट में डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने ट्रंप के इस कदम की आलोचना की है। शूमर ने कहा कि ट्रंप के अनुसार जब दूसरे लोग मेल से वोट दें तो वह 'धोखाधड़ी' है, लेकिन जब वे खुद ऐसा करें तो वह सही है। ट्रंप 2020 के चुनाव में अपनी हार के बाद से ही मेल मतपत्रों पर निशाना साध रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी अदालतों और उनके खुद के अटॉर्नी जनरल को चुनाव नतीजों को प्रभावित करने वाली किसी धोखाधड़ी का कोई सबूत नहीं मिला।
विज्ञापन


फ्लोरिडा के इस चुनाव में ट्रंप ने रिपब्लिकन उम्मीदवार जॉन मेपल्स का समर्थन किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर लोगों से मेपल्स को वोट देने की अपील की थी, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि उन्होंने खुद मेल से वोट दिया है। ट्रंप के समर्थन के बावजूद जॉन मेपल्स चुनाव हार गए और डेमोक्रेट एमिली ग्रेगरी ने जीत हासिल की।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें