फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Trump Tariffs: ट्रंप ने फिर टाली टैरिफ लागू करने की तारीख; यह भारत के लिए राहत कैसे और शुल्क का क्या होगा असर?

Fri, 01 Aug 2025 09:02 AM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अगर ट्रंप फिर से टैरिफ लागू करने की समयसीमा नहीं बढ़ाते हैं तो भारत से आयातित वस्तुओं पर अमेरिका की ओर से घोषित 25% अतिरिक्त शुल्क और जुर्माना एक हफ्ते बाद से लागू होगा। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका यह सब सिर्फ दबाव की रणनीति के तहत कर रहा है, इस वजह से उम्मीद कम ही है कि एक हफ्ते बाद भी यह टैरिफ लागू हो।
विज्ञापन
India US Trade Deal - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया के तमाम देशों पर लगाए जाने वाले पारस्परिक टैरिफ के लागू होने की तारीख बढ़ा दी है। पहले यह टैरिफ आज यानी 1 अगस्त से प्रभावी होना था। अब इसकी अगली तारीख एक हफ्ते बढ़ाकर 7 अगस्त तय की गई है। इसका मतलब है कि भारत पर लगाया जाने वाला टैरिफ भी अब आज से लागू नहीं होगा। इससे भारत को और समय मिलेगा, ताकि वह अमेरिकी टैरिफ के खिलाफ अपनी रणनीति बना सके। भारत के पास इस दौरान अमेरिका के साथ जारी व्यापार समझौते को लेकर अपनी शर्तें मनवाने का भी मौका होगा।

विज्ञापन


अगर ट्रंप फिर से टैरिफ लागू करने की समयसीमा नहीं बढ़ाते हैं तो भारत से आयातित वस्तुओं पर अमेरिका की ओर से घोषित 25% अतिरिक्त शुल्क और जुर्माना एक हफ्ते बाद से लागू होगा। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका यह सब सिर्फ दबाव की रणनीति के तहत कर रहा है, इस वजह से उम्मीद कम ही है कि एक हफ्ते बाद भी यह टैरिफ लागू हो। इस शुल्क के लगने से भारत के निर्यात पर किस तरह का असर पड़ेगा? कौन सी वस्तुएं और सेक्टर इससे सर्वाधिक प्रभावित होंगे? देखना अहम है। ट्रंप ने भारत में रूस से आयात होने वाले तेल और हथियारों पर जुर्माना लगाने की भी घोषणा की है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह जुर्माना कितना होगा और किस तरह लागू किया जाएगा?

अमेरिका में भारत से निर्यात होने वाले स्टील और एल्युमीनियम पर 50% और ऑटो व ऑटो पार्ट्स पर 25% शुल्क लगा हुआ है। हाल में ट्रंप ने जिस शुल्क की घोषणा की है, वह भारतीय वस्तुओं पर लागू मौजूदा शुल्कों के अतिरिक्त लगाया गया है। इसको इस तरह समझें, वर्तमान में वस्त्र उद्योग पर 6-9% शुल्क लगता है। 25% शुल्क जोड़ने के बाद एक अगस्त से अमेरिका में प्रवेश करने वाले भारतीय वस्त्र उत्पादों पर 31-34 फीसदी शुल्क लगेगा।
विज्ञापन


सेवा क्षेत्र में दोनों का व्यापार
सेवा क्षेत्र में भारत ने अनुमानित 28.7 अरब डॉलर का निर्यात और 25.5 अरब डॉलर का आयात किया। इससे भारत को 3.2 अरब डॉलर का अधिशेष प्राप्त हुआ। भारत का अमेरिका के साथ कुल व्यापार अधिशेष 44.4 अरब डॉलर रहा। हालांकि, थिंक टैंक जीटीआरआई के अनुसार, शिक्षा, डिजिटल सेवाओं, वित्तीय गतिविधियों, रॉयल्टी व हथियारों के व्यापार से प्राप्त राजस्व को शामिल करने पर कुल अधिशेष 35-40 अरब डॉलर है।

निर्यात पर इतना शुल्क

  • दूरसंचार पर 25 प्रतिशत
  • रत्न व आभूषण पर 30-38.5% (वर्तमान में 5-13.5%)
  • खाद्य और कृषि उत्पाद पर 29-30% (वर्तमान में 14-15 %)
  • कपड़ों पर 12 प्रतिशत के साथ अतिरिक्त 25 प्रतिशत


व्यापार घाटा अधिक होने की दी दलील
अमेरिका का दावा है कि भारत के साथ उसका व्यापार घाटा काफी अधिक है। इसके लिए उसने अमेरिकी वस्तुओं पर उच्च टैरिफ लगाने के लिए नई दिल्ली को जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिका का कहना है कि इससे भारतीय बाजार में अमेरिकी निर्यात बेहद सीमित हो जाता है। अधिक टैरिफ से यह घाटा पाटा जा सकता है।



निर्यात 18 फीसदी, आयात 6.22 फीसदी
भारत के कुल निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 18 प्रतिशत, आयात में 6.22 प्रतिशत और द्विपक्षीय व्यापार में 10.73 प्रतिशत है। वर्ष 2024-25 में, द्विपक्षीय व्यापार 186 अरब डॉलर (86.5 अरब डॉलर निर्यात और 45.3 अरब डॉलर आयात) तक पहुंच गया। अमेरिका के साथ, भारत का 2024-25 में 41 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार अधिशेष (आयात और निर्यात के बीच का अंतर) था। यह 2023-24 में 35.32 अरब अमेरिकी डॉलर और 2022-23 में 27.7 अरब डॉलर था।

अमेरिका को मुख्यत: क्या निर्यात करता है भारत?

निर्यात (2024 में) मूल्य
दवा निर्माण तथा जैविक 8.1
दूरसंचार उपकरण 6.5
कीमती, अर्ध-कीमती पत्थर 5.3
पेट्रोलियम उत्पाद 4.1
सोना व अन्य आभूषण 3.2
सहायक उपकरण सहित सूती वस्त्र 2.8
लोहा-इस्पात के उत्पाद 2.7
विज्ञापन

(निर्यात मूल्य अरब डॉलर में)

अमेरिका से आयात की स्थिति
भारत ने 2024 में कच्चा तेल (4.5 अरब डॉलर), पेट्रोलियम उत्पाद (3.6 अरब), कोयला, कोक (3.4 अरब), तराशे व पॉलिश किए गए हीरे (2.6 अरब), इलेक्ट्रिक मशीनरी (1.4 अरब), विमान, अंतरिक्ष यान तथा कलपुर्जे (1.3 अरब) व सोना (1.3 अरब डॉलर) का आयात किया।

अमेरिका का व्यापार घाटा केवल 41 अरब डॉलर
भारत के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा केवल 41 अरब डॉलर है, जो चीन (270 अरब डॉलर) या वियतनाम जैसे देशों (113 अरब डॉलर) की तुलना में कहीं नहीं ठहरता।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें