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कभी बेहद खास रहे कमिन्स ने लिया बदला, खोल दी बोरिस जॉनसन की पोल

Thu, 27 May 2021 03:52 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

कमिन्स ने कहा कि जॉनसन शुरुआत में कोरोना को स्वाइन फ्लू जैसा समझ रहे थे और मानते थे कि इसे लेकर बेवजह इतना भय फैलाया गया है। इसलिए जब लॉकडाउन लागू हुआ, तब भी वे उसे जल्द से जल्द खत्म करने के लिए बेसब्र थे। अप्रैल 2020 में तो जॉनसन यह मानने लगे थे कि लॉकडाउन लागू करना एक भूल थी...
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन - फोटो : twitter.com/BorisJohnson
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विस्तार
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डॉमिनिक कमिन्स कभी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के बेहद खास थे। जॉनसन ने उन्हें मुख्य सलाहकार बनाया था। एक समय तो यहां तक धारणा बनी थी कि ब्रिटेन का असल शासन कमिन्स ही चला रहे हैं। लेकिन पिछले साल के आखिर में व्यक्तिगत विवादों के कारण कमिन्स ने नाटकीय अंदाज में जॉनसन का साथ छोड़ दिया। बताया है कि प्रधानमंत्री जॉनसन की गर्लफ्रेंड उनके साथ मतभेद पैदा होने की वजह बनी थीं। कई महीनों से सीन से बाहर रहे कमिन्स बुधवार को सामने आए। उन्होंने संसद की एक प्रवर समिति के सामने प्रधानमंत्री निवास की अंदरूनी कार्य प्रणाली के बारे में जो कहा, उसे बोरिस जॉनसन की ‘पोल खोलना’ बताया गया है।   

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कमिन्स ने जो कहा कि उसका सीधा मतलब है कि जॉनसन सरकार ने कोरोना महामारी को संभालने में घोर लापरवाही और अयोग्यता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि 2020 में मध्य मार्च तक प्रधानमंत्री और उनके आसपास के लोग महामारी को गंभीरता से नहीं ले रहे थे। उन्होंने तुरंत लॉकडाउन लागू करने की जरूरत नहीं समझी। गौरतलब है कि ब्रिटेन कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा पीड़ित देशों में रहा है। पौने सात करोड़ आबादी वाले इस देश में अब तक एक लाख 27 हजार से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमण के कारण मर चुके हैं।

कमिन्स ने कहा कि जॉनसन शुरुआत में कोरोना को स्वाइन फ्लू जैसा समझ रहे थे और मानते थे कि इसे लेकर बेवजह इतना भय फैलाया गया है। इसलिए जब लॉकडाउन लागू हुआ, तब भी वे उसे जल्द से जल्द खत्म करने के लिए बेसब्र थे। अप्रैल 2020 में तो जॉनसन यह मानने लगे थे कि लॉकडाउन लागू करना एक भूल थी। कमिन्स ने कहा कि जॉनसन इसको लेकर अति संवेदनशील रहते हैं कि मीडिया में क्या लिखा जा रहा है। उन्होंने कहा- ‘अगर एक प्रधानमंत्री दिन में दस बार अपना मन बदलता है और मीडिया को बुला कर रोज अपनी ही नीति का खंडन करता है, तो आप ऐसे संचार के कारण होने वाले विनाश के क्षेत्र में पहुंच जाते हैं।’
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जब कमिन्स से यह पूछा गया कि क्या वे जॉनसन को महामारी से निकालने में सक्षम प्रधानमंत्री मानते हैं, तो कमिन्स ने बेलाग कहा- नहीं। कमिन्स ने आरोप लगाया कि जॉनसन के अस्थिर दिमाग के कारण सरकारी मशीनरी लगभग बेअसर हो गई। कमिन्स के मुताबिक जब उन्होंने इसकी तरफ प्रधानमंत्री का ध्यान खींचा, तो जॉनसन ने कहा- ‘मुझे इस बात से ज्यादा डर लगता है कि आपके पास अफरातफरी को रोकने लायक शक्ति आ गई है। अफरातफरी का मतलब है कि हर व्यक्ति मेरी तरफ देखेगा और मानेगा कि कमान मेरे हाथ में है।’

कमिन्स ने जो कहा उसका मतलब है कि कोरोना महामारी के पूरे काल में जॉनसन का रुख अस्थिर बना रहा। और इसके लिए उन्होंने काफी हद तक जॉनसन की गर्लफ्रेंड कैरी साइमंड्स को जिम्मेदार ठहराया। आरोप लगाया कि साइमंड्स प्रधानमंत्री के कार्यालय के संचालन में अनैतिक दखल देती हैं। विश्लेषकों का कहना है कि विवाद की असल वजह यही है। खुद कमिन्स पर अपने अधिकार क्षेत्र से ज्यादा शक्तियां हथिया लेने के आरोप लगे थे। जब तक ऐसा चलता रहा, वे प्रधानमंत्री के साथ रहे। लेकिन जब साइमंड्स से विवाद छिड़ा और प्रधानमंत्री का रुख अपनी गर्लफ्रेंड के पक्ष में झुका, तो वे साथ छोड़ गए। अब उन्होंने उसका बदला लेने की कोशिश की है।

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