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क्या अमेरिका रोकना चाहता है जंग?: ईरान का दावा- वेंस ने भेजा पत्र, बातचीत को तैयार; रेजाई बोले- हमारी जीत हुई

सार

ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेजाई ने दावा किया है कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के पत्र के बाद अमेरिका का रुख बदल गया है। पत्र में परमाणु कार्यक्रम समेत सीधे बातचीत का प्रस्ताव है। एक हफ्ते में बैठक संभव है, लेकिन ईरान ने अमेरिका और इस्राइल को सैन्य कार्रवाई पर जवाब देने की चेतावनी भी दी है।
 
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उपराष्ट्रपति जेडी. वेंस - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेजाई ने कहा है कि उपराष्ट्रपति जेडी. वेंस के एक पत्र में अमेरिका का रुख पूरी तरह से बदल गया है। यह जानकारी अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार है। यह बयान इस राजनयिक पहल पर ईरान की ओर से पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह कहते आ रहे हैं कि तेहरान बातचीत करना चाहता है।
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रेजाई ने क्या बताया? 
सरकारी प्रसारक आईआरआईबी से बात करते हुए रेजाई ने कहा, 'उनका रुख पूरी तरह से बदल गया है, जो एक अच्छा संकेत है और दिखाता है कि हमारे लोगों ने जीत हासिल कर ली है।' रविवार को कतरी मध्यस्थों के जरिए ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव रेजाई को वेंस का पत्र सौंपा गया।

संदेश में क्या है? 
'द न्यूयॉर्क टाइम्स' के अनुसार, इस प्रस्ताव में वेंस के नेतृत्व में सीधी बातचीत की परिकल्पना की गई है, जिसमें शुरुआत से ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को चर्चा का हिस्सा बनाया जाएगा। इस बीच, 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि इस संदेश में शांति की कोई ठोस शर्तें नहीं, बल्कि बातचीत के लिए एक रूपरेखा" (फ्रेमवर्क) बताई गई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह पत्र ट्रंप के निर्देश पर भेजा गया था।
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इससे पहले, शनिवार को विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 'अल जजीरा' को बताया कि तेहरान ने पत्र का अध्ययन कर लिया है। बातचीत शुरू करने की वाशिंगटन की कोशिश को एक सकारात्मक कदम बताया है। उन्होंने आगे बताया कि मध्यस्थों के साथ चर्चा करने के लिए उनका एक सहयोगी दोहा गया था।

खमेनेई ने क्या चेतावनी दी? 
अल जजीरा ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि एक हफ्ते के भीतर बैठक हो सकती है, जिसके लिए दोहा या इस्तांबुल को संभावित जगहों के तौर पर देखा जा रहा है। इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खमेनेई ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या इस्राइल कोई गलत कदम उठाते हैं, तो ईरानी सेना उसका ऐसा जवाब देगी जिसकी भौगोलिक सीमाएं नहीं होंगी।

खमेनेई ने कहा, 'अगर दुश्मन एक बार फिर सैन्य या आतंकवादी हमले करते हैं, तो इस्लामिक गणराज्य के सशस्त्र बल और ईरानी राष्ट्र ही तय करेंगे कि उनका अंत कब और किन हालात में होगा।' शुक्रवार को व्हाइट हाउस में बोलते हुए, ट्रंप ने कहा कि तेहरान बातचीत करने का इच्छुक है।

उन्होंने कहा, 'बातचीत चल रही है, वे बात करना चाहते हैं, वे लगातार बात कर रहे हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा 'सच कहूं तो, हमारे पास समय है।' ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान बहुत बड़ी मुसीबत में है और अनुमान जताया कि यह टकराव बहुत जल्द खत्म हो जाएगा।
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