अगर आपसे कोई कहे कि एक व्यक्ति की जान इसलिए बच गई क्योंकि डॉक्टरों ने दवा से पहले उसे शराब पिलाई तो आप कहा कहेंगे? ऐसा ही कुछ वियतनाम में हुआ जब अल्कोहल पॉइजनिंग के शिकार 48 साल के गुयेन वैन अस्पताल पहुंचे। हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने वैन को तुरंत तीन बोतल बीयर चढ़ाई।
ऐसा करने के पीछे उसे मरने से बचाना था। बताया जा रहा है कि गुयेन वैन के खून में मेथेनॉल की मात्रा सामान्य से 1,119 फीसदी ज्यादा थी। दवा के जरिए उसे बचाया नहीं जा सकता था।
डॉक्टर ने बताया कि जब कोई व्यक्ति शराब पीता है तो शराब का सेवन रोक देने की बाद भी रक्त कोशिकाओं तक शराब पहुंचती रहती है। अचेत रहने पर भी शरीर में इसकी मात्रा बढ़ती जाती है। अल्कोहल दो रूपों में आती है- एथेनॉल और मेथेनॉल। मानव का लीवर पहले एथेनॉल को तोड़ता है। इसलिए डॉक्टरों ने उसके पेट में बीयर पंप करने का फैसला लिया। लीवर ने काम करना लगभग बंद कर दिया था, सामान्य करने के लिए हर एक घंटे पर बीयर पंप की गई।
डॉक्टरों ने कुल 15 लीटर बीयर पंप की तब जाकर मरीज का लीवर सामान्य रूप से काम करने लगा। मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, मरीज का लीवर साफ करने के लिए बीयर का इस्तेमाल किया गया था।