वायरस ड्रॉपलेटों से फैलता है और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के सबसे करीब डॉक्टर या नर्स ही रहते हैं। यानी उन्हें सबसे ज्यादा खतरा है लेकिन फिर भी वे अपने चिकित्सा धर्म से नहीं डिग रहे। उनसे परिवार और समाज में संक्रमण फैलने की ज्यादा आशंका है। कई डॉक्टरों ने बताया कि घर लौटते वक्त यह डर उन्हें सताता रहता है। इसके चलते वे मानसिक तनाव से भी गुजर रहे हैं। ब्रिटेन के एक डॉक्टर ने कहा, अभी तक दुनिया में सबसे बड़ी कमजोरी पर्याप्त जांच नहीं कर पाना है। ऐसे में हमें इस महामारी की वास्तविकता का अंदाज ही नहीं हो पाया है जबकि जो मरीजों का इलाज कर रहे हैं, उनके जरिए भी संक्रमण का खतरा बना हुआ है। मसलन, ब्रिटेन में सिर्फ उन्हीं लोगो की जांच हुई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उपचार के दौरान चिकित्साकर्मियों द्वारा पहने जाने वाले कपड़ों को घर लौटते ही तेज गर्म पानी में धोना चाहिए। कोट, जूतों जैसे सामान को अलग एक स्थान पर रखा जाना चाहिए। परिवार वालों से दो मीटर की दूरी पर रहें। कार चला रहे हैं तो उसकी स्टीयरिंग साफ कर लें। अपने खाने-पीने के बर्तनों को भी अलग रखें तो बेहतर होगा।