अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने गुरुवार कहा कि उनके पास जनवरी या किसी अन्य समय में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की भारत यात्रा के संबंध में घोषणा करने के लिए कुछ भी नहीं है। भारत और कनाडा में राजनयिक विवाद के बीच जनवरी में बाइडन की भारत यात्रा के संबंध में एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह टिप्पणी की। भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने बुधवार को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति बाइडन को अगले साल भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।
इससे पहले गुरुवार को, बाइडन की भारत की यात्रा के संबंध में पूछे गए सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि भारत उचित समय पर इन कार्यक्रमों के संबंध में घोषणा करेगा। यह पूछे जाने पर कि क्या भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन को गणतंत्र दिवस समारोह के लिए मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है, बागची ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों की घोषणा उचित समय पर की जाती है। जब हम ऐसा करने की स्थिति में होंगे तो हम निश्चित रूप से आपके साथ जानकारी साझा करेंगे।
भारत के खिलाफ जांच में कनाडा के प्रयासों का समर्थन करता है अमेरिका
भारत-कनाडा राजनयिक विवाद के बारे में पूछे जाने पर सुलिवन ने कहा कि वह इस मंच से खुफिया या कानून प्रवर्तन मामलों पर बात नहीं करने जा रहे हैं। उन्होंने पहले भी कहा था कि हम कनाडाई सरकार के साथ निरंतर बातचीत और परामर्श कर रहे हैं। जैसे-जैसे हम आगे बढ़ेंगे, उसी आधार पर हम बात करेंगे। अमेरिकी एनएसए ने कहा कि अमेरिका 18 जून को ब्रिटिश कोलंबिया में हुई सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की संलिप्तता के आरोपों की जांच के कनाडा के प्रयासों का समर्थन करता है।
मीडिया को संबोधित करते हुए सुलिवन ने कहा कि हमने कनाडाई प्रधानमंत्री ट्रूडो के सार्वजनिक आरोपों के बारे में अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। जो कुछ हुआ उसकी तह तक जाने के लिए कानूनी प्रक्रिया का हम समर्थन करते हैं ताकि अपराधियों को जवाबदेह ठहराया जा सके। उन्होंने कहा कि हम अपने कनाडाई समकक्षों के साथ लगातार संपर्क में हैं। हम उनके साथ बारीकी से परामर्श कर रहे हैं। हम इस जांच में उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों का समर्थन करते हैं और हम ऐसा कर भी रहे हैं। हम भारत सरकार के भी संपर्क में हैं।
सुलिवन ने इस मुद्दे पर अमेरिका और कनाडा के बीच मतभेद की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, हमें आरोपों को लेकर गहरी चिंता है और हम चाहेंगे कि इस जांच को आगे बढ़ाया जाए और अपराधियों को सजा दी जाए। सार्वजनिक रूप से यह बात सामने आने के बाद से ही अमेरिका इसी बात पर कायम है और हम तब तक इसके लिए खड़े रहेंगे, जब तक यह हल नहीं हो जाता।
कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार की संलिप्तता का आरोप लगाने के बाद भारत और कनाडा के बीच तनाव बढ़ गया है। हालांकि, भारत ने ट्रूडो के आरोपों को बेतुका और प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया है।