कतर की राजधानी दोहा के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर ऑस्ट्रेलिया जा रही महिला यात्रियों के साथ 2 अक्तूबर को हुई आपत्तिजनक जांच पर ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्रालय ने नाराजगी जताई है। हालांकि विदेश मंत्री ने कहा कि कतर के अधिकारियों ने महिलाओं के साथ इस दुर्व्यवहार पर माफी मांग ली है। लेकिन घटना के सामने आने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी देखी गई।
दरअसल, दोहा के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में एक नवजात बच्ची कचरे के डिब्बे में पड़ी मिली थी। इसके बाद एयरपोर्ट पर मौजूद कई महिलाओं की शारीरिक जांच यह देखने के लिए की गई कि कहीं उन्होंने तो बच्ची को जन्म नहीं दिया। आरोप है कि इस दौरान विदेशी महिलाओं के कपड़े उतरवाए गए और 10 उड़ानों की महिला यात्रियों को इस जांच से गुजरना पड़ा। इन महिला यात्रियों में से 18 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक थीं। आरोप है कि इन महिलाओं को एंबुलेंस में ले जाकर जांच से पहले अंतरवस्त्र भी उतरवाए गए जिससे वे दुखी दिखीं। ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने उनकी सेहत और मनोबल न टूटने देने में मदद की। ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री मॉरिस पायने ने बुधवार को कहा, इनमें से एक फ्रांस की महिला भी थी। इससे पहले भी एक गर्भवती महिला को कतर एयरवेज के विमान से उतरने के लिए मजबूर कर उनकी शारीरिक जांच की गई थी।
ऑस्ट्रेलिया-कतर में राजनयिक विवाद
ऑस्ट्रेलिया के विदेश मामलों और व्यापार विभाग के प्रमुख फ्रांसिस एडम्सन ने कहा कि ऐसी गहन पूछताछ बहुत ही गंभीर और परेशान करने वाला मामला है। ऑस्ट्रेलिया भी अन्य देशों के साथ दोहा के इस मामले को गंभीरता से उठाने की तरफ आगे बढ़ रहा है। हालांकि उन्होंने उन देशों का नाम लेने से इनकार कर दिया। ऑस्ट्रेलिया द्वारा मामले पर विरोध जताने के बाद दोनों देशों में राजनयिक विवाद पैदा हो गया है।
कतर ने माफी मांगी
कतर सरकार की वेबसाइट पर एक बयान में महिला यात्रियों को हुई परेशानी पर खेद जताया गया है। सरकार ने कहा, एक बच्ची प्लास्टिक के बैग कचरे के नीचे दबी मिली थी, इसलिए उसके माता-पिता को तुरंत ढूंढना शुरू किया गया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि भयानक मुजरिमों को भागने से रोका जा सके। लेकिन इस कार्रवाई से किसी भी यात्री की निजी आजादी के उल्लंघन पर कतर खेद व्यक्त करता है।