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China Communist Party Congress: मीडिया में चर्चा शी जिनपिंग की, लेकिन मार्केट की निगाहें टिकी हैं अगले पीएम पर

Wed, 12 Oct 2022 05:01 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

China Communist Party Congress: सीपीसी की 20वीं कांग्रेस अगले रविवार से शुरू होगी और हफ्ते भर चलेगी। इस मौके पर विश्व मीडिया में ज्यादातर चर्चा राष्ट्रपति शी जिनपिंग के फिर से संभावित निर्वाचन की है। इसके अलावा इस पर अटकलें लगाई जा रही हैं कि सीपीसी की सर्वोच्च संस्था पोलित ब्यूरो की स्थायी समिति में कौन-कौन से नेता चुने जाएंगे...
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China Communist Party Congress - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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हालांकि इस समय दुनिया भर के मीडिया में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की 20वीं कांग्रेस (महाधिवेशन) की चर्चा है, लेकिन विश्लेषकों के एक हिस्से का मानना है कि मोटे तौर पर ये आयोजन एक रस्म-अदायगी भर होगा। उनके मुताबिक चीन में फैसले सीपीसी नेताओं का एक छोटा समूह लेता है। हर पांच साल पर होने वाली कांग्रेस की भूमिका उन फैसलों पर मुहर लगाने भर की होती है। लेकिन कुछ विश्लेषकों का कहना है कि यह एक महत्त्वपूर्ण आयोजन है, जिससे चीन की अगली दिशा का सके मिलेगा।

सीपीसी की 20वीं कांग्रेस अगले रविवार से शुरू होगी और हफ्ते भर चलेगी। इस मौके पर विश्व मीडिया में ज्यादातर चर्चा राष्ट्रपति शी जिनपिंग के फिर से संभावित निर्वाचन की है। इसके अलावा इस पर अटकलें लगाई जा रही हैं कि सीपीसी की सर्वोच्च संस्था पोलित ब्यूरो की स्थायी समिति में कौन-कौन से नेता चुने जाएंगे। लेकिन अमेरिकी थिंक टैंक जर्मन मार्शल फंड में अनिवासी सीनियर फेलॉ मिनक्सिन पेई ने एक विश्लेषण में कहा है कि इस कांग्रेस दौरान कई अन्य महत्त्वपूर्ण निर्णयों पर भी मुहर लगाई जाएगी। पश्चिमी मीडिया में उन निर्णयों की चर्चा ज्यादा नहीं हुई है।

पेई के मुताबिक शी और सीपीसी को संभवतया जिस महत्वपूर्ण मुद्दे पर निर्णय करना है, वो देश के अगले प्रधानमंत्री के बारे में है। अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, चीन के व्यापार भागीदारों, और देश के प्राइवेट उद्यमियों के लिए सबसे अहम फैसला यही होगा। चीन की शासन व्यवस्था में आर्थिक नीति का प्रभार प्रधानमंत्री के जिम्मे रहता है। मौजूदा प्रधानमंत्री ली किचियांग यह एलान कर चुके हैं कि वे मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद रिटायर्ड हो जाएंगे। उनके अलावा दोनों उप प्रधानमंत्री- हान झेंग और लिउ ही भी रिटायर्ड हो जाएंगे।

आर्थिक जगत की निगाह चीन के सेंट्रल बैंक- पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के अगले प्रमुख पर भी टिकी हुई है। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना एक शक्तिशाली संस्था है। बैंकिंग विनियमन के अलावा अन्य आर्थिक एजेंसियों को संचालित करने की भूमिका भी यह निभाता है। वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक निवेशक इन पदों पर ऐसे टेक्नोक्रेट या अनुभवी नेता की नियुक्ति चाहते हैं, जो चीन में गहरा रही आर्थिक समस्याओं का हल ढूंढ सकें।

इस रिपोर्ट के मुताबिक अगर पोलित ब्यूरो स्थायी समिति के मौजूदा सदस्य वांग यांग को प्रधानमंत्री बनाया जाता है, तो बाजार के कर्ताधर्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। 67 वर्षीय वांग पहले उप प्रधानमंत्री रह चुके हैं। 1990 के दशक में वांग ने आर्थिक सुधारों को लागू करने की अपनी खास क्षमता दिखाई थी। इसी तरह राष्ट्रपति हू जिनताओ के समय उप प्रधानमंत्री रह चुके हू चुनहुआ अगर फिर से इस पद पर आते हैं, तो बाजार को खुशी होगी। वांग-हू को आर्थिक क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपने का मतलब यह माना जाएगा कि सीपीसी ने व्यावहारिक नजरिया अपनाया है।

इसके बदले अगर आर्थिक टीम में ऐसे अधिकारियों की भरमार हुई, जो कम्युनिस्ट विचारधारा से अत्यधिक प्रभावित हों या जिनके पास अनुभव की कमी हो, तो उससे बाजार में घबराहट फैल सकती है। मिनक्सिन पेई ने लिखा है- ‘सीपीसी की अगली कांग्रेस सिर्फ सत्ता के ऐसे खेल का मौका नहीं है, जिसमें शी जिनपिंग के राजनीतिक वर्चस्व को और ताकत दी जाएगी। बल्कि इससे हमें यह मालूम पड़ेगा कि अगले दशक में चीन किस दिशा में जाएगा।’

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