अब चीन में और अधिक संख्या में सरकारी कर्मचारियों को पूरी सैलरी डिजिटल करेंसी में मिलेगी। अभी तक सिर्फ कुछ बैंक कर्मचारियों को ही उनकी सारी तनख्वाह का भुगतान डिजिटल युआन (चीन की मुद्रा) में किया जा रहा था। चीन सरकार ने अब डिजिटल करेंसी को प्रोत्साहित करने को अपनी प्राथमिकता बना ली है। इसके लिए विभिन्न प्रातों को क्रमिक रूप से सारा भुगतान डिजिटल मुद्रा में करने को कहा गया है।
जियांसु प्रांत के शहर चांगशू शहर में इसी महीने से सार्वजनिक क्षेत्र के सभी कर्मचारियों की सैलरी डिजिटल रूप में ट्रांसफर की जाएगी। ढाई साल पहले चीन डिजिटल करेंसी लॉन्च करने वाला दुनिया का पहला देश बना था। लेकिन चीन सरकार देश के अंदर डिजिटल युआन का इस्तेमाल करने के लिए ज्यादातर लोगों को प्रेरित नहीं कर पाई है। डिजिटल करेंसी का मुकाबला मोबाइल पेमेंट सेवाओं से है।
जानकारों के मुताबिक लोगों को मोबाइल पेमेंट की आदत लगी हुई है, इसलिए उन्होंने डिजिटल करेंसी को नहीं अपनाया है। अब चीन सरकार को आशा है कि सार्वजनिक क्षेत्र के सभी कर्मचारियों को डिजिटल युआन के जरिए सैलरी देने से इस मुद्रा का उपयोग बढ़ेगा। चांगशू शहर की आबादी 15 लाख है। वह सुझोउ मेट्रोपॉलिटन एरिया का उपनगर है। पिछले साल जून से सितंबर तक इस शहर में 4,900 से अधिक कर्मचारियों को डिजिटल युआन में सैलरी दी गई। इस शहर में ऐसे कुल कर्मचारियों की संख्या 15 हजार से ऊपर है। अब सबको हर महीने डिजिटल युआन में उनका वेतन मिलेगा।
वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक डिजिटल युआन के जरिए तनख्वाह देने के क्रम में पूरी रकम कर्मचारियों के डिजिटल वॉलेट में ट्रांसफर कर दी जाती है। इस प्रक्रिया में सरकारी एजेंसियों और बैंकों को सिर्फ कर्मचारियों के नाम और मोबाइल फोन नंबर अपने रजिस्टर में रखने पड़ते हैं। अधिकारियों का कहना है कि सीधे बैंक में सैलरी भेजने की तुलना में डिजिटल रूप में सैलरी ट्रांसफर करने पर प्रशासनिक खर्च में भारी कमी आती है।
डिजिटल युआन का संचालन पीपुल्स बैंक ऑफ चाइन (पीबीओसी) की देखरेख में होता है। यह चीन का सेंट्रल बैंक है। चीन में डिजिटल करेंसी के बारे में अनुसंधान 2014 में शुरू हुआ था। 2020 में शेंझेन प्रांत में इसे प्रायोगिक तौर पर लॉन्च किया गया। मार्च 2022 तक 15 प्रांतों के 23 क्षेत्रों में इसका परीक्षण किया जा चुका था।
विशेषज्ञों के मुताबिक डिजिटल युआन का प्रचलन बढ़ने पर पीबीओसी को बहुत फायदा होगा। तब पीबीओसी अविलंब पूरे डाटा का परीक्षण कर पाएगा। इससे उसे मौद्रिक नीति बनाने में मदद मिलेगी। पीबीओसी को आशा है कि डिजिटल युआन का प्रचलन बढ़ने पर गैर कानूनी ढंग से सीमा पार धन भेजने और मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाई जा सकेगी।
इन अपेक्षित लाभों के बावजूद साल 2022 के अंत तक सिर्फ 13.61 बिलियन युवान डिजिटल रूप में प्रचलन में थे। पीबीओसी के मुताबिक यह देश में कुल प्रचलित युवान का सिर्फ 0.13 फीसदी हिस्सा है। इसीलिए अब चीन सरकार ने डिजिटल युआन को प्रचलित करने में अपनी पूरी ताकत झोंकने का निर्णय लिया है।