पाकिस्तान वायु सेना के जनसंपर्क महानिदेशक एयर वाइस मार्शल औरंगजेब अहमद ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में कहा कि यदि पाकिस्तान की भूमि, आकाश या जल को खतरा है तो कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हमने पुलवामा में अपनी सामरिक प्रतिभा से यह संदेश देने की कोशिश की थी और अब हमने अपना रणनीतिक कौशल भी दिखा दिया है।
भारत पाकिस्तान तनाव के बीच बड़ा खुलासा हुआ है। पाकिस्तानी वायु सेना के एक अधिकारी ने पुलवामा हमले को रणनीतिक चतुराई बताया है। वायु सेना अधिकारी का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसकी खूब आलोचना हो रही है। साथ ही पुलवामा हमले में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
विज्ञापन
पाकिस्तान वायु सेना के जनसंपर्क महानिदेशक एयर वाइस मार्शल औरंगजेब अहमद ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में कहा कि यदि पाकिस्तान की भूमि, आकाश या जल को खतरा है तो कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हमने पुलवामा में अपनी सामरिक प्रतिभा से यह संदेश देने की कोशिश की थी और अब हमने अपना रणनीतिक कौशल भी दिखा दिया है।
2019 में हुआ था पुलवामा हमला
14 फरवरी, 2019 को पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सेना के काफिले पर हमला किया, जिसमें 40 जवान बलिदान हो गए थे। इसके जवाब में भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के आतंकी प्रशिक्षण शिविर पर हवाई हमला किया। लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल करते हुए भारत ने पाकिस्तानी क्षेत्र में अंदर तक स्थित शिविर को निशाना बनाया, जो 1971 के युद्ध के बाद पहला ऐसा हवाई हमला था।
इसमें जैश का शिविर नष्ट हो गया था और कई आतंकी मारे गए थे। भारत की कार्रवाई के दौरान पाकिस्तानी विमानों के साथ हवाई लड़ाई में भारतीय लड़ाकू पायलट अभिनंदन वर्धमान को पाकिस्तान में पकड़ लिया गया। हालांकि कुछ दिनों बाद पाकिस्तान ने उन्हें रिहा कर दिया। वहीं पाकिस्तान ने हमले में अपनी भूमिका से इनकार किया था।
सोशल मीडिया पर हुई आलोचना
पाकिस्तानी वायुसेना के अधिकारी का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस पर यूजर्स ने कहा कि क्या उन्होंने वाकई पुलवामा हमले के बारे में कबूल किया है? दुनिया को समझना चाहिए कि यह पाकिस्तान की वास्तविकता है - उन्होंने खुले तौर पर एक आतंकी हमले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, जिसमें 40 भारतीय सैनिक मारे गए। एक और यूजर ने लिखा कि पाकिस्तान ने अभी कबूल किया है! पुलवामा एक सामरिक प्रतिभा थी। अब हमने ऑपरेशनल प्रगति दिखाई है। यानी पाकिस्तान की सेना ने स्वीकार किया है कि पुलवामा में आतंकवादियों ने कोई चेहरा छिपाकर हमला नहीं किया था। यह देश समर्थित था।