भ्रष्टाचार में शामिल होने के आरोप में ढाका की कोर्ट ने शेख हसीना सरकार के पूर्व विदेश मंत्री हसन महमूद समेत 17 मंत्रियों और नौ सांसदों के देश छोड़ने पर रोक लगाई है। कोर्ट ने सोमवार को भ्रष्टाचार विरोध आयोग की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। ढाका मेट्रोपॉलिटन के वरिष्ठ विशेष न्यायाधीश मोहम्मद अस-शम्स जगलुल हुसैन ने भ्रष्टाचार विरोधी आयोग (एसीसी) की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि कोई भी मंत्री और सांसद देश नहीं छोड़ेगा। एसीसी के लोक अभियोजक मीर अहमद अली सलाम और महमूद हुसैन जहांगीर ने यात्रा पर लगाए गए प्रतिबंध की पुष्टि की।
इन मंत्रियों के देश छोड़ने पर लगी रोक
कोर्ट ने पूर्व विदेश मंत्री हसन महमूद, पूर्व बिजली ऊर्जा और खनिज संसाधन राज्य मंत्री नसरुल हामिद, पूर्व जहाजरानी राज्य मंत्री खालिद महमूद, पूर्व आईसीटी राज्य मंत्री जुनैद अहमद पलक और पूर्व प्राथमिक और जन शिक्षा राज्य मंत्री मोहम्मद जाकिर हुसैन के देश छोड़ने पर रोक लगाई है। इसमें पूर्व रामीण विकास और सहकारिता राज्य मंत्री स्वपन भट्टाचार्जी, पूर्व वाणिज्य मंत्री टीपू मुंशी, पूर्व कानून मंत्री अनीसुल हक, पूर्व धार्मिक मामलों के मंत्री फरीदुल हक खान, पूर्व कपड़ा और जूट मंत्री गोलाम दस्तगीर गाजी, पूर्व युवा और खेल राज्य मंत्री मोहम्मद जाहिद अहसन रसेल, पूर्व जल संसाधन मंत्री अनवर हुसैन, पूर्व सूचना मंत्री हसनुल हक इनु भी शामिल हैं। इसके अलावा कई सांसदों के विदेश जाने पर भी रोक लगा दी है।
घर छोड़ चुके हैं कई मंत्री
दरअसल पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद अवामी लीग के कई शीर्ष नेता, सांसद और कैबिनेट मंत्री देश छोड़ चुके हैं। कई अन्य मंत्री आवास छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर छिपे हुए हैं। पूर्व विदेश मंत्री हसन महमूद, पूर्व कानून मंत्री अनीसुल हक, पूर्व प्रधान मंत्री सलमान एफ रहमान के निजी उद्योग और निवेश मामलों के सलाहकार और पूर्व राज्य मंत्री जुनैद अहमद पलक को पिछले महीने
देश से भागने का प्रयास करते समय गिरफ्तार किया गया था।
पांच अगस्त को शेख हसीना ने दिया था इस्तीफा
नौकरियों में विवादास्पद कोटा प्रणाली को लेकर अपनी सरकार के खिलाफ अभूतपूर्व सरकार विरोधी छात्र नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन के बाद पांच अगस्त को हसीना ने इस्तीफा दे दिया और भारत चली गईं। हसीना के नेतृत्व वाली सरकार को अंतरिम सरकार द्वारा प्रतिस्थापित किया गया और 84 वर्षीय नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को इसका मुख्य सलाहकार नामित किया गया।