फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UN Report: जलवायु परिवर्तन से मदद के लिए विकसित देशों ने दिए 27.26 अरब; वित्तपोषण आवश्यकता से अभी बहुत कम

Tue, 05 Nov 2024 03:13 AM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क

सार

पिछले साल नवंबर में जारी संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से बचने के लिए हर साल 215 से 387 बिलियन डॉलर की आवश्यकता जाहिर की थी।
विज्ञापन
जलवायु परिवर्तन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद करने के लिए विकसित देशों ने विकासशील देशों को 2022 में 27.26 अरब रुपये (32.4 बिलियन डॉलर) प्रदान किए, जिसमें सार्वजनिक वित्त पोषण के रूप में 24.31 अरब रुपये (28.9 बिलियन डॉलर) भी शामिल है। संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज (यूएनएफसीसीसी) में विकसित देशों के एक समूह की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, यह राशि 2021 की तुलना में लगभग 23 प्रतिशत और 2019 की तुलना में 54 प्रतिशत अधिक थी।

विज्ञापन


हालांकि, पिछले साल नवंबर में जारी संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से बचने के लिए हर साल 215 से 387 बिलियन डॉलर की आवश्यकता जाहिर की थी। ग्लासगो में 2021 में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में विकसित देशों से 2019 को आधार रेखा के रूप में इस्तेमाल करते हुए 2025 तक विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्तपोषण को दोगुना करने का आग्रह किया गया था। पिछले साल दिसंबर में दुबई में संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन ने इस आह्वान को दोहराया गया और विकसित देशों से 2024 में प्रगति की रिपोर्ट देने को कहा गया था।

अनुदान में 2019 की तुलना में 63% और ऋण में 48% की वृद्धि
यूएनएफसीसीसी वेबसाइट पर सोमवार को प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि 2022 में 11.6 बिलियन डॉलर का अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक वित्त अनुदान के रूप में प्रदान किया गया। इसके अलावा 17.2 बिलियन डॉलर ऋण के रूप में और 100 मिलियन डॉलर इक्विटी के रूप में प्रदान किए गए। अनुदान में 2019 की तुलना में 63 प्रतिशत और ऋण में 48 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2022 में जुटाए गए कुल 32.4 बिलियन डॉलर में से 10.6 बिलियन डॉलर द्विपक्षीय सहायता, जबकि 18.3 बिलियन डॉलर विकास बैंकों और जलवायु कोष जैसे बहुपक्षीय चैनलों के माध्यम से दिए गए। इसके अलावा सार्वजनिक पहलों के माध्यम से वित्तपोषण में अतिरिक्त 3.5 बिलियन डॉलर भी जुटाए गए। बहुपक्षीय विकास बैंकों (एमडीबी) के माध्यम से वित्त में 57 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें