अमेरिकी राज्य टेक्सास, ओक्लाहोमा और लुइसियाना के कई हिस्सों में बवंडर आने के कुछ घंटों बाद ही एक विनाशकारी शीतकालीन तूफान ने बुधवार को कहर बरपाया। इस बर्फीले तूफान से दर्जनों घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान क्षतिग्रस्त हो गए, 1000 से अधिक उड़ानों में देरी हुई जबकि 100 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। बर्फीले तूफान में दो लोग लापता हो गए जबकि कई लोगों के घायल होने की खबरें हैं।
उत्तरी टेक्सास में तूफान काफी तेज था। यहां फोर्ट वर्थ में राष्ट्रीय मौसम सेवा ने बताया कि हालात बहुत खराब हैं और नुकसान का जायजा लेने योग्य माहौल नहीं है। इस तूफान में कितनी मौतें हुई हैं इसका अभी कोई आकलन नहीं किया गया है। बुधवार को ओक्लाहोमा के नॉर्मन में तूफान की भविष्यवाणी करने वाले केंद्र ने बताया कि लुइसियाना, मिसिसिपी, अलबामा और फ्लोरिडा पैनहैंडल में गंभीर मौसम का खतरा जारी है। मोंटाना से पश्चिमी नेब्रास्का और कोलाराडो तक बर्फीले तूफान की चेतावनी दी गई है। राष्ट्रीय मौसम सेवा ने कहा कि पश्चिमी दक्षिण डकोटा और उत्तर-पश्चिमी नेब्रास्का के कुछ क्षेत्रों में 2 फीट (61 सेंटीमीटर) तक बर्फ की परत जम सकती है। अधिकारियों ने कहा, 50 मील प्रतिघंटे (80 किमी प्रतिघंटे) की रफ्तार से चलने वाली बर्फीली हवाएं घर से बाहर देखना मुश्किल कर देंगी।
छत से गिरने वाली पानी की धार तक नीचे गिरने से पहले जम गई
अमेरिका के पूर्वोत्तर और पश्चिमी वर्जीनिया से वर्मोंट में बुधवार रात से बर्फीले तूफान के शुक्रवार दोपहर तक जारी रहने की आशंका मौसम विज्ञानियों ने जताई है। इस बीच कई इलाकों में जारी मौजूदा बवंडर ने घरों की छतों को उड़ा दिया। कई जगह बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। यहां तक कि घरों पर छत से गिरने वाली बर्फीले पानी की धार तक नीचे गिरने से पहले ही बर्फ में तब्दील होकर जम गई। तूफानग्रस्त क्षेत्रों में ऐसे दृश्य आम हैं। कई जगह पेड़ उखड़ गए हैं और कई पार्किंग स्थलों पर वाहन अस्त-व्यस्त पड़े हैं।
अमेरिका के दो ज्वालामुखी में लावा निकलना बंद
अमेरिकी वैज्ञानिकों ने घोषणा की है कि हवाई राज्य में दो सक्रिय ज्वालामुखी (किलौवा और मौना लोआ) में से लावा निकलना बंद हो गया है। इनमें से एक ज्वालामुखी में से निकले लावे ने 2018 में सैकड़ों मकानों को तबाह कर दिया था और दूसरे का लावा हाल में एक अहम बिग आइलैंड राजमार्ग तक पहुंचने से पहले रुक गया था। दुनिया के सबसे बड़े ज्वालामुखी मौना लोआ ने 38 साल शांत रहने के बाद 27 नवंबर को लावा उगलना शुरू किया था। किलौवा में सितंबर 2021 से ही लावा निकल रहा था। 2018 में इसके कारण 700 से अधिक मकान तबाह हो गए थे।