ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के जिस आतंकी ठिकाने को तबाह किया था, उसके फिर सक्रिय होने की खबर है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार ने इसके मरम्मत के लिए करीब आठ करोड़ रुपये (भारतीय रुपये) दिए। आतंकी अड्डे को दोबारा खड़ा करने में मदद के साथ पाकिस्तान के नापाक मंसूबे एक बार फिर दुनिया सामने उजागर हुए हैं।
पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का वह ठिकाना, जिसे भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निशाना बनाया था, करीब 15 महीने बाद दोबारा तैयार कर लिया गया है। एक समाचार चैनल की रिपोर्ट में साइट से सामने आई तस्वीरों और वीडियो के आधार पर यह दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ठिकाने पर नई मार्बल, ताजा प्लास्टर और पेंट का काम कराया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित जैश के इस मुख्यालय को अब इस तरह से दोबारा तैयार किया गया है कि ऑपरेशन सिंदूर से हुए नुकसान के निशान काफी हद तक छिप गए हैं।
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ऑपरेशन सिंदूर में तबाह जैश का अड्डा
- फोटो : ANI
7 मई 2025 को भारत ने किया था हमला
भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय भी भारतीय वायुसेना के हमले की चपेट में आया था। ऑपरेशन सिंदूर में आतंकी ठिकाने के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचा था। ताजा तस्वीरों में मुख्य परिसर की मरम्मत पूरी होती दिखाई दे रही है। क्षतिग्रस्त इमारतों से मलबा हटा दिया गया है और कई हिस्सों में नया निर्माण भी किया गया है।
25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये खर्च होने का दावा
रिपोर्ट में खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि ठिकाने के पुनर्निर्माण के लिए करीब 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये नकद किस्तों में दिए गए। इसमें से लगभग 11 करोड़ रुपये अकेले मुख्य हॉल के पुनर्निर्माण पर खर्च किए जाने की बात कही गई है। हमले के दौरान मुख्य हॉल में बने गड्ढों को भरने और क्षतिग्रस्त गुंबदों को दोबारा बनाने का काम किया गया। आसपास की कुछ क्षतिग्रस्त इमारतों को भी हटा दिया गया और उनकी जगह नया निर्माण किए जाने का दावा है। इन इमारतों में मदरसा अल-सबीर और जैश के कमांडरों के रहने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले आवास भी शामिल बताए गए हैं।
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ऑपरेशन सिंदूर में तबाह जैश का अड्डा
- फोटो : ANI
कुछ महीने पहले भी चल रहा था निर्माण
रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2026 में सामने आई तस्वीरों में परिसर में भारी मशीनें और निर्माण से जुड़े वाहन दिखाई दिए थे। उस समय क्षतिग्रस्त गुंबदों की मरम्मत का काम चल रहा था। मई में सामने आई हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरों में गुंबदों का रंग गहरा दिखाई दिया था। इसे ताजा सीमेंट और निर्माण कार्य से जोड़कर देखा गया था। अब ताजा तस्वीरों में परिसर काफी हद तक नया और व्यवस्थित नजर आ रहा है।
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ऑपरेशन सिंदूर में तबाह जैश का अड्डा
- फोटो : ANI
आतंकी गतिविधियों का केंद्र रहा है ठिकाना
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बहावलपुर में मौजूद यह ठिकाना आतंकियों की विचारधारा से जुड़ी ट्रेनिंग और भर्ती गतिविधियों का केंद्र रहा है। यहां हथियार चलाने की ट्रेनिंग, शारीरिक अभ्यास और धार्मिक शिक्षा जैसी गतिविधियां होने की बात कही गई है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद जैश-ए-मोहम्मद समेत कुछ आतंकी संगठनों ने कथित तौर पर अपने ठिकाने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (केपीके) क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिए थे।
भारत ने नौ आतंकी ठिकानों को बनाया था निशाना
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय अधिकारियों ने कहा था कि सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों, एयरफील्ड और विमानों को निशाना बनाया। एयर मार्शल एके भारती ने उस समय कहा था कि 7 मई को भारत ने नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। उन्होंने यह भी दावा किया था कि भारतीय कार्रवाई में पाकिस्तान के 11 एयरफील्ड को निशाना बनाया गया और जमीन या हवा में उसके 13 विमान नष्ट किए गए थे। इनमें 300 किलोमीटर से अधिक दूरी पर मौजूद एक महत्वपूर्ण हवाई संपत्ति भी शामिल थी। ताजा रिपोर्ट में बहावलपुर के जैश ठिकाने के दोबारा तैयार होने का दावा ऐसे समय सामने आया है, जब ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में आतंकी संगठनों के ठिकानों और उनकी गतिविधियों पर भारत की नजर बनी हुई है।