अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर 50 प्रतिशत तक भारी टैरिफ लगाए, इसके बाद भी 2025 में भारत के साथ उसका व्यापार घाटा 58.2 अरब डॉलर तक बढ़ गया। यह आंकड़ा पहले 45.7 अरब डॉलर के करीब था। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च टैरिफ के बावजूद अमेरिका की घरेलू मांग और आयात निर्भरता के कारण घाटा कम नहीं हो पाया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारतीय निर्यात पर 50 प्रतिशत तक उच्च टैरिफ लगाने के बावजूद अमेरिका का भारत के साथ व्यापार घाटा बढ़कर 2025 में 58.2 अरब डॉलर हो गया। यह पहले 45.7 अरब डॉलर के करीब था। इस बात की जानकारी अमेरिकी सरकार ने टैरिफ पर तेज होती हलचल के बीच शनिवार को दी। बता दें कि अमेरिका का दिसंबर 2025 में कुल व्यापार घाटा (वस्तु और सेवा) 70.3 अरब डॉलर रहा, जो नवंबर में 53 अरब डॉलर था।
सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया अमेरिकी टैरिफ
बता दें कि ये पूरा मामला तब सामने आया जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के लगाए गए टैरिफ को गैर-कानूनी बताते हुए रद्द कर दिया। लेकिन इसके तुरंत बाद ट्रंप ने धारा 122 का इस्तेमाल करते हुए 150 दिनों के लिए अमेरिका में आयातित सामान पर 10 प्रतिशत अस्थायी टैरिफ लगा दिया। यह टैरिफ 24 फरवरी से लागू होगा। व्हाइट हाउस की फैक्टशीट के मुताबिक, व्यापार अधिनियम 1974 की धारा 122 के तहत राष्ट्रपति कुछ आधारभूत अंतरराष्ट्रीय भुगतान समस्याओं (जैसे व्यापार घाटा) को कम करने के लिए सरचार्ज और अन्य आयात प्रतिबंध लगा सकते हैं।