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NASA: पृथ्वी की कक्षा से अलग हो चांद की ओर बढ़ा नासा उपग्रह, चीन ने फिर अमेरिका पर लगाया अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ का आरोप

Tue, 05 Jul 2022 11:12 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वेलिंगटन/बीजिंग

सार

चीन ने अमेरिका पर अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ को बढ़ावा देने और वैश्विक रणनीतिक स्थिरता को अवरुद्ध करने का आरोप लगाया है। चीन ने नासा प्रमुख नेल्सन के बयान को खारिज किया है।
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a - फोटो : Twitter @earthskyscience
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विस्तार
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वेलिंगटन। पृथ्वी के आसपास चक्कर लगा रहा माइक्रोवेव ओवन के आकार वाला नासा का एक उपग्रह अपनी कक्षा से सफलतापूर्वक अलग हो गया और अब यह चंद्रमा की तरफ बढ़ रहा है। इसी के साथ नासा ने चंद्रमा की सतह पर फिर से अंतरिक्ष यात्रियों को उतारने की योजना के तहत एक और कदम आगे बढ़ा दिया है।
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‘कैप्स्टोन’ उपग्रह की यात्रा पहले से ही कई मायने में असामान्य रही है। इस उपग्रह को छह दिन पहले न्यूजीलैंड के माहिआ प्रायद्वीप से छोड़ा गया था। इसे रॉकेट लैब कंपनी ने अपने छोटे से इलेक्ट्रॉन रॉकेट से प्रक्षेपित किया था। कम से कम ऊर्जा का इस्तेमाल करते हुए अकेले ही आगे बढ़ने वाले इस उपग्रह को चांद पर पहुंचने में चार माह और लगेंगे। रॉकेट लैब के संस्थापक पीटर बेक ने कहा, इस परियोजना पर हमें दो-ढाई वर्ष लगे और इसका क्रियान्वयन बहुत ही कठिन था।

नया युग : ग्रहों पर जाना होगा सस्ता

रॉकेट लैब के संस्थापक पीटर बेक ने कहा, अपेक्षाकृत कम लागत वाली यह कोशिश अंतरिक्ष अभियान की दिशा में नया युग शुरू करेगी। बेक ने कहा, अब कुछ करोड़ डॉलर में आपके पास रॉकेट व अंतरिक्ष यान होंगे, जो आपको सीधे चंद्रमा, क्षुद्रग्रहों और ग्रहों पर ले जाएंगे। नासा ने इस पर 3.27 करोड़ डॉलर खर्च किए हैं।
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महीनों तक मिलेंगी अहम सूचनाएं

यदि आगे का अभियान सफल रहता है, तो कैप्स्टोन उपग्रह अहम सूचनाएं महीनों तक भेजता रहेगा। नासा की योजना कक्षीय मार्ग में ‘गेटवे’ नामक अंतरिक्ष केंद्र स्थापित करने की है, जहां से अंतरिक्ष यात्री इसके ‘अर्टेमिस’ कार्यक्रम के तहत चंद्रमा की सतर पर उतर सकेंगे।

ईंधन का इस्तेमाल काफी कम

नई कक्षा का महत्व यह है कि इससे ईंधन का इस्तेमाल कम हो जाता है। यह उपग्रह को धरती के लगातार संपर्क में रखती है। न्यूजीलैंड से 28 जून को प्रक्षेपित किया गया इलेक्ट्रॉन रॉकेट अपने साथ ‘फोटोन’ नामक दूसरा अंतरिक्ष यान ले जा रहा था। यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से अलग हो गया और उपग्रह उसके रास्ते पर बढ़ गया।

चीन में एक अरब लोगों की सूचना लीक

हैकरों ने शंघाई पुलिस के डाटाबेस में सेंध लगाकर एक अरब चीनी लोगों के डाटा चुराने का दावा किया है। यदि यह दावा सच हुआ तो यह डिजिटल इतिहास की सबसे बड़ी हैकिंग होगी। ऑनलाइन हैकिंग फोरम ब्रीच फोरम्स पर पिछले सप्ताह एक पोस्ट में किसी शख्स ने चाइनाडेन नामक हैंडल का इस्तेमाल कर 24 टेराबाइट डाटा बेचने का ऑफर रखा। दावा किया गया कि इसमें एक अरब लोगों की निजी जानकारियां हैं। शख्स ने 10 बिटकाइन यानी करीब दो लाख डॉलर में यह डाटा बेचने का प्रस्ताव दिया। बताया गया कि इस डाटा में शंघाई नेशनल पुलिस का डाटाबेस शामिल है जिसमें लोगों के नाम, पते, राष्ट्रीय पहचान संख्या, मोबाइल नंबर शामिल हैं। समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के पास मौजूद इस डाटा के सैंपल में नाम, जन्म स्थान उम्र, मोबाइल नंबर की सूची दर्ज है।

नासा प्रमुख के आरोपों को चीन ने किया खारिज

चीन ने अमेरिका पर अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ को बढ़ावा देने और वैश्विक रणनीतिक स्थिरता को अवरुद्ध करने का आरोप लगाया है। चीन ने नासा प्रमुख नेल्सन पर उनके इस बयान को लेकर निशाना साधा है जिसमें उन्होंने कहा था कि चीन अपनी सेना के नेतृत्व में आक्रामक तरीके से अंतरिक्ष कार्यक्रम चला रहा है और इससे एक दिन वह चंद्रमा पर कब्जा कर उस  पर अपने स्वामित्व का दावा कर सकता है। 

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं है कि नासा प्रशासक ने तथ्यों की अनदेखी करते हुए चीन पर निशाना साधा है। उन्होंने सोमवार को कहा, ‘‘कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने गैरजिम्मेदाराना तरीके से अपनी बात रखी है और चीन के सामान्य तथा वैध अंतरिक्ष संबंधी प्रयासों को गलत तरह से पेश किया है। चीन ऐसे बयानों को पूरी तरह खारिज करता है।’’

लिजियान ने अमेरिका पर अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ को बढ़ावा देने और वैश्विक रणनीतिक स्थिरता को बाधित करने का आरोप लगाया।

नेल्सन ने हाल में जर्मन अखबार बिल्ड को दिये साक्षात्कार में कहा, ‘‘हमें चीन के चंद्रमा पर पहुंचने को लेकर और उसके इस कथन के बारे में बहुत चिंतित होना चाहिए कि यह अब पीपल्स रिपब्लिक का है और अन्य सभी को इससे अलग रहना चाहिए।’’ उन्होंने यह भी दावा किया कि चीन के अंतरिक्षयात्री सीख रहे हैं कि दूसरे देशों के उपग्रहों को कैसे तबाह किया जाए।

हांगकांग के साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट अखबार के अनुसार नेल्सन ने कहा कि चीन और अमेरिका के बीच अंतरिक्ष में गलाकाट प्रतिस्पर्धा है और खासतौर पर चंद्रमा के दक्षिणी पोल के लिए यह होड़ है जहां पानी मिलने की संभावना है।

नासा प्रमुख के बयानों की निंदा करते हुए लिजियान ने कहा कि अमेरिका ने अंतरिक्ष को स्पष्ट तौर पर युद्ध वाला क्षेत्र बताया है। उन्होंने कहा, ‘‘वह एक अंतरिक्ष बल और अंतरिक्ष कमान बनाने के प्रयास तेज कर रहा है, हमला करने वाले अंतरिक्ष हथियार विकसित कर रहा है और उन्हें तैनात कर रहा है, बाहरी अंतरिक्ष में शस्त्रों पर नियंत्रण को लेकर एक कानूनी समझौते के लिए वार्ता प्रक्रिया को बाधित कर रहा है तथा बाहरी क्षेत्र में उसके सहयोगियों के साथ सैन्य सहयोग को बढ़ा रहा है।’’

चीन ने 2030 के आसपास चंद्रमा पर कुछ अंतरिक्षयात्रियों को भेजने तथा वहां पांच साल बाद या इसके आसपास एक स्टेशन बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी चंद्र मिशन की घोषणा की है।
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